पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए, राज्य सरकार प्रत्येक पाँच वर्ष में गठित करती है
Detailed Explanation:
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-I के तहत प्रत्येक राज्य को कम से कम हर पाँच वर्ष में एक राज्य वित्त आयोग का गठन करना अनिवार्य है, जो पंचायतों और नगर पालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है।
यह आयोग राज्य कर राजस्व के वितरण, स्थानीय निकायों द्वारा एकत्रित किए जाने वाले करों/शुल्कों, और राज्य की संचित निधि से अनुदान-सहायता की सिफारिश करता है।
अतः, राज्य वित्त आयोग हर पाँच वर्ष में पंचायतों की वित्तीय समीक्षा करता है, जिससे विकल्प 4 सही उत्तर है।
Question 8 of 9 पंचायती राज व्यवस्था
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किस राज्य में पंचायत व्यवस्था नहीं है?
निम्नलिखित में से कौन संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची का भाग नहीं है?