तीन धातुओं A, B और C की मानक इलेक्ट्रोड विभव क्रमशः 0.5 V, -3 V और -1.2 V हैं। इन धातुओं की अपचायक क्षमता होगी
Detailed Explanation:
अपचायक क्षमता का मानक इलेक्ट्रोड विभव (E°) से विपरीत संबंध होता है — जितना अधिक ऋणात्मक E°, उतना प्रबल अपचायक।
धातु B (−3.0 V) सबसे अधिक ऋणात्मक विभव → सर्वाधिक अपचायक क्षमता। धातु C (−1.2 V) मध्यम ऋणात्मक → मध्यम अपचायक क्षमता। धातु A (+0.5 V) धनात्मक → न्यूनतम अपचायक क्षमता। क्रम: B > C > A।
Question 1 of 2 विद्युत रसायन
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एक प्रबल विद्युत अपघट्य की चालकता