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भारतीय राष्ट्रवाद का उदय Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: भारतीय राष्ट्रवाद का उदय
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सूची - I में दिए गए पूर्व-कांग्रेस संगठनों को सूची - II में दिए गए उनके नेताओं के साथ सुमेलित करें और नीचे दिए गए कूटों में से उत्तर चुनें:
| सूची – I | सूची - II |
| a. इंडियन एसोसिएशन | i. दादाभाई नौरोजी |
| b. मद्रास महाजन सभा | ii. एम. वीरराघवाचारियार |
| c. बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन | iii. जस्टिस रानाडे |
| d. पूना सार्वजनिक सभा | iv. सुरेंद्रनाथ बनर्जी |
कूट :
Detailed Explanation:
इंडियन एसोसिएशन (1876) की स्थापना कलकत्ता में सुरेंद्रनाथ बनर्जी द्वारा की गई – a-iv।
मद्रास महाजन सभा (1884) की स्थापना एम. वीरराघवाचारियार द्वारा की गई – b-ii।
बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन (1885) की शुरुआत दादाभाई नौरोजी द्वारा की गई – c-i।
पूना सार्वजनिक सभा (1870) की स्थापना जस्टिस रानाडे द्वारा की गई – d-iii।
सही सुमेलन: a-iv, b-ii, c-i, d-iii।
निम्नलिखित का मिलान करें और सही उत्तर चुनें:
| राजनीतिक संगठन | संस्थापक |
| I. खाकसार | a. सुभाष चंद्र बोस |
| II. समाजवादी पार्टी | b. इनायतुल्लाह मशरीकी |
| III. स्वतंत्र श्रमिक पार्टी | c. जयप्रकाश नारायण |
| IV. फॉरवर्ड ब्लॉक | d. बी. आर. अम्बेडकर |
Detailed Explanation:
I. खाकसार की स्थापना इनायतुल्लाह मशरीकी ने 1931 में अर्धसैनिक चरित्र वाले सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन के रूप में की थी।
II. समाजवादी पार्टी की स्थापना जयप्रकाश नारायण ने आचार्य नरेंद्र देव के साथ 1934 में कांग्रेस समाजवादी पार्टी के ढांचे के भीतर की थी।
III. स्वतंत्र श्रमिक पार्टी की स्थापना बी. आर. अम्बेडकर ने 1936 में श्रमिक वर्ग और दलित समुदायों के हितों का प्रतिनिधित्व करने के लिए की थी।
IV. फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना सुभाष चंद्र बोस ने 1939 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर वामपंथी गुट के रूप में की थी।
सही मिलान: I-b, II-c, III-d, IV-a
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, भारतीय रियासतों में (भारतीय शासकों द्वारा शासित राज्यों जैसे कश्मीर, निजाम का हैदराबाद, त्रावणकोर आदि में) शुरू किया गया एक समानांतर आंदोलन था
Detailed Explanation:
प्रजा मंडल आंदोलन स्वतंत्रता संग्राम के दौरान रियासती राज्यों (कश्मीर, हैदराबाद, त्रावणकोर आदि) में शुरू किया गया समानांतर आंदोलन था, जो भारतीय शासकों से उत्तरदायी सरकार और नागरिक अधिकारों की मांग करता था।
यह आंदोलन ब्रिटिश भारत में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की गतिविधियों के समान था लेकिन रियासती राज्यों के भीतर राजनीतिक अधिकारों पर केंद्रित था, जिसमें अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद (1927) विभिन्न राज्यों में इन प्रयासों का समन्वय करती थी।
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19वीं सदी के अंत में भारत में राष्ट्रवाद की भावना पैदा करने में इतिहास के अध्ययन ने किस प्रकार मदद की?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: आर.सी. दत्त जैसे राष्ट्रवादी इतिहासकारों ने ब्रिटिश शासन के तहत आर्थिक शोषण का विश्लेषण किया, धन के निकास और गरीबी का दस्तावेजीकरण किया, जिसने लोगों को औपनिवेशिक उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष के लिए प्रेरित किया।
✅ कथन 2 – सही: इतिहासकारों ने विज्ञान, गणित, कला और शासन में प्राचीन भारतीय उपलब्धियों को उजागर करके भारतीय पिछड़ेपन की औपनिवेशिक कथा का खंडन किया, भारतीयों की स्वशासन की क्षमता सिद्ध की।
✅ कथन 3 – सही: रमेश चंद्र दत्त और जदुनाथ सरकार जैसे विद्वानों ने भारत के गौरवशाली अतीत (प्राचीन साम्राज्य, सांस्कृतिक उपलब्धियां) के बारे में लिखा, जिससे भारतीयों में राष्ट्रीय गर्व और आत्मविश्वास का विकास हुआ।
1876 ई. में इंडियन एसोसिएशन की स्थापना किसने की?
Detailed Explanation:
सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने 26 जुलाई 1876 को कलकत्ता में इंडियन एसोसिएशन की स्थापना की, जो भारत के प्रारंभिक राष्ट्रवादी संगठनों में से एक थी। इस संगठन का उद्देश्य प्रांतों में भारतीयों को एकजुट करना, राजनीतिक शिक्षा को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय मुद्दों पर जनमत को मजबूत करना था।
चितरंजन दास बाद के कांग्रेस नेता थे, डब्ल्यू.सी. बनर्जी प्रथम आईएनसी अध्यक्ष (1885) बने, और अरबिंदो घोष 1905 के बाद उग्रवादी चरण में उभरे।
अतः, सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने 1876 में इंडियन एसोसिएशन की स्थापना की, जिससे विकल्प 1 सही उत्तर है।