19वीं सदी के अंत में भारत में राष्ट्रवाद की भावना पैदा करने में इतिहास के अध्ययन ने किस प्रकार मदद की?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: आर.सी. दत्त जैसे राष्ट्रवादी इतिहासकारों ने ब्रिटिश शासन के तहत आर्थिक शोषण का विश्लेषण किया, धन के निकास और गरीबी का दस्तावेजीकरण किया, जिसने लोगों को औपनिवेशिक उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष के लिए प्रेरित किया।
✅ कथन 2 – सही: इतिहासकारों ने विज्ञान, गणित, कला और शासन में प्राचीन भारतीय उपलब्धियों को उजागर करके भारतीय पिछड़ेपन की औपनिवेशिक कथा का खंडन किया, भारतीयों की स्वशासन की क्षमता सिद्ध की।
✅ कथन 3 – सही: रमेश चंद्र दत्त और जदुनाथ सरकार जैसे विद्वानों ने भारत के गौरवशाली अतीत (प्राचीन साम्राज्य, सांस्कृतिक उपलब्धियां) के बारे में लिखा, जिससे भारतीयों में राष्ट्रीय गर्व और आत्मविश्वास का विकास हुआ।
Question 1 of 1 राष्ट्रीय चेतना का विकास
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