BPSC CCE Prelims
अधिकार क्षेत्र एवं शक्तियाँ Previous Year Questions (PYQs)
Practice solved questions for अधिकार क्षेत्र एवं शक्तियाँ with detailed step-by-step solutions, key insights, and trend analysis for BPSC CCE PRELIMS.
Solved Previous Year Questions
Filter & practice questions topic-wise
भारत के सर्वोच्च न्यायालय की केंद्र और राज्य के बीच विवादों का निर्णय करने की शक्ति इसके अंतर्गत आती है
Detailed Explanation:
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 131 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय को प्रारंभिक क्षेत्राधिकार प्राप्त है जिसके तहत वह केंद्र और राज्यों के बीच या राज्यों के बीच विवादों को सीधे सुन सकता है।
प्रारंभिक क्षेत्राधिकार का अर्थ है कि मामले निचली अदालतों से होकर गुजरे बिना सीधे सर्वोच्च न्यायालय में दायर किए जा सकते हैं, जो इसे अपीलीय, परामर्शदात्री या सामान्य संवैधानिक क्षेत्राधिकार से अलग करता है।
निम्नलिखित में से कौन सा विषय उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय दोनों के क्षेत्राधिकार में आता है?
Detailed Explanation:
अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालयों को मौलिक अधिकारों और अन्य कानूनी अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट जारी करने का अधिकार देता है, जबकि अनुच्छेद 32 सर्वोच्च न्यायालय को विशेष रूप से मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट जारी करने का अधिकार देता है।
❌ विकल्प 1 – गलत: राज्यों के बीच विवाद अनुच्छेद 131 के तहत आते हैं (सर्वोच्च न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार में केवल)।
❌ विकल्प 2 – गलत: केंद्र और राज्य के बीच विवाद भी अनुच्छेद 131 के तहत आते हैं (सर्वोच्च न्यायालय के लिए विशेष)।
✅ विकल्प 3 – सही: मौलिक अधिकारों का संरक्षण साझा क्षेत्राधिकार है—उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के तहत और सर्वोच्च न्यायालय अनुच्छेद 32 के तहत।
❌ विकल्प 4 – गलत: संविधान के उल्लंघन से संरक्षण मुख्य रूप से सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 13, 32, 136 के तहत न्यायिक समीक्षा के माध्यम से होता है; उच्च न्यायालयों की सीमित भूमिका है।
निम्नलिखित में से कौन भारत के सर्वोच्च न्यायालय से संबंधित है?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: कॉलेजियम व्यवस्था का उपयोग भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वरिष्ठ न्यायाधीशों की कॉलेजियम के माध्यम से उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण के लिए किया जाता है।
✅ कथन 2 – सही: अनुच्छेद 132-136 के तहत अपीलीय क्षेत्राधिकार सर्वोच्च न्यायालय को उच्च न्यायालयों और न्यायाधिकरणों के निर्णयों के खिलाफ अपील सुनने की अनुमति देता है।
✅ कथन 3 – सही: अनुच्छेद 131 के तहत मूल क्षेत्राधिकार सर्वोच्च न्यायालय को संघ और राज्यों या राज्यों के बीच विवादों को सीधे सुनने का अधिकार देता है।
चूंकि कथन 1, 2, और 3 सभी सही हैं, इसलिए उत्तर विकल्प 4 (उपरोक्त में से एक से अधिक) है।
🧐 Not Sure What to Study Next?
Get a personalised study plan based on your goals, time and revision needs.
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 300 किससे संबंधित है
- वाद और कार्यवाहियां
- सरकारी संविदाएं
- महान्यायवादी
- व्यापार और वाणिज्य पर प्रतिबंध
उपरोक्त में से कोई नहीं उपरोक्त में से एक से अधिक
Detailed Explanation:
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 300 विशेष रूप से भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा या उनके विरुद्ध वाद और कार्यवाहियों से संबंधित है, जो कानूनी क्षमता और प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं को निर्दिष्ट करता है।
सरकारी संविदाएं अनुच्छेद 299 के अंतर्गत आती हैं, महान्यायवादी अनुच्छेद 76 और 165 के अंतर्गत, और व्यापार और वाणिज्य पर प्रतिबंध अनुच्छेद 301-307 (भाग XIII) के अंतर्गत आते हैं।
अतः, अनुच्छेद 300 विशेष रूप से वाद और कार्यवाहियों को संबोधित करता है, जिससे विकल्प 1 सही उत्तर है।
सर्वोच्च न्यायालय है
Detailed Explanation:
सर्वोच्च न्यायालय भारत में सर्वोच्च न्यायिक प्राधिकरण है और अनुच्छेद 13, 32, और 131–143 के तहत न्यायिक समीक्षा की शक्ति रखता है। यह किसी भी कानून की जांच कर सकता है और यदि वह संविधान का उल्लंघन करता है तो उसे रद्द कर सकता है।
अनुच्छेद 32 नागरिकों को मौलिक अधिकारों को लागू करने के लिए सीधे सर्वोच्च न्यायालय जाने का अधिकार देता है, जबकि अनुच्छेद 137 इसे अपने स्वयं के निर्णयों की समीक्षा करने का अधिकार देता है। संविधान के संरक्षक के रूप में, न्यायालय की व्याख्या सभी न्यायालयों और प्राधिकरणों के लिए अंतिम और बाध्यकारी है।
अतः, सर्वोच्च न्यायालय संविधान का अंतिम व्याख्याकार है, जो विकल्प 2 को सही उत्तर बनाता है।
Related Topics in भारतीय राजव्यवस्था
Frequently Asked Questions
Common questions about अधिकार क्षेत्र एवं शक्तियाँ in BPSC CCE PRELIMS