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रसायन विज्ञान Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: रसायन विज्ञान
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निम्नलिखित में से कौन सोडा एसिड अग्निशामक के घटक हैं?
Detailed Explanation:
सोडा एसिड अग्निशामक में अलग-अलग डिब्बों में तनु सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) और सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) का घोल होता है।
सक्रिय होने पर, अम्ल सोडियम बाइकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करता है: 2NaHCO₃ + H₂SO₄ → Na₂SO₄ + 2H₂O + 2CO₂, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न होती है जो ऑक्सीजन आपूर्ति को काटकर आग को बुझाती है।
विकल्प 3 सही है।
फर्श की टाइलें बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले मेलामाइन का कौन सा उदाहरण है?
Detailed Explanation:
मेलामाइन एक थर्मो-सेटिंग प्लास्टिक है जो गर्म करने पर अपरिवर्तनीय रूप से कठोर हो जाता है और एक दृढ़ त्रि-आयामी संरचना बनाता है।
फर्श की टाइलों, रसोई के बर्तनों और लैमिनेट्स में उपयोग किया जाने वाला मेलामाइन-फॉर्मलडिहाइड रेजिन ताप-प्रतिरोधी, खरोंच-रोधी है और पुनः गर्म करने पर नरम नहीं होता। पॉलीथीन, थर्मोप्लास्टिक और पीवीसी थर्मोप्लास्टिक हैं जो गर्म करने पर नरम होते हैं और पुनः ढाले जा सकते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा पहला कृत्रिम रूप से तैयार किया गया तत्व है?
Detailed Explanation:
टेक्नीशियम (Tc) पहला कृत्रिम रूप से तैयार किया गया तत्व है, जिसे 1937 में कार्लो पेरियर और एमिलियो सेग्रे ने साइक्लोट्रॉन में मोलिब्डेनम पर ड्यूटेरॉन की बमबारी करके संश्लेषित किया था।
टेल्यूरियम (Te), थोरियम (Th), और थैलियम (Tl) सभी प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले तत्व हैं जो पृथ्वी की परत में मौजूद हैं।
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निम्नलिखित में से कौन सा एक रेडियोधर्मी तत्व द्वारा उत्सर्जित धनात्मक आवेशित कण है?
Detailed Explanation:
अल्फा कण (α) रेडियोधर्मी क्षय के दौरान उत्सर्जित होने वाले धनात्मक आवेशित कण हैं, जो 2 प्रोटॉन + 2 न्यूट्रॉन से बने होते हैं (मूलतः एक हीलियम नाभिक)।
बीटा किरणें (β) ऋणात्मक आवेशित इलेक्ट्रॉन हैं, जबकि कैथोड किरणें भी इलेक्ट्रॉनों की धारा हैं, दोनों ऋणात्मक आवेश वाहक हैं।
इसलिए, विकल्प 3 (अल्फा किरण) सही उत्तर है।
पदार्थ के एक रूप का कोई निश्चित आकार नहीं होता है लेकिन इसका एक निश्चित आयतन होता है। पदार्थ के इस रूप का एक उदाहरण है
Detailed Explanation:
बिना निश्चित आकार लेकिन निश्चित आयतन वाला पदार्थ एक तरल होता है।
✅ मिट्टी का तेल (केरोसिन) एक तरल है – इसका निश्चित आयतन होता है लेकिन यह अपने बर्तन का आकार ले लेता है।
❌ कार्बन स्टील एक ठोस है – इसका निश्चित आकार और निश्चित आयतन दोनों होते हैं।
❌ क्रिप्टॉन एक उत्कृष्ट गैस है – इसका न तो निश्चित आकार और न ही निश्चित आयतन होता है।
कुछ धातु ऑक्साइड अम्ल तथा क्षार दोनों से अभिक्रिया करके लवण तथा जल बनाते हैं। इन्हें उभयधर्मी ऑक्साइड कहा जाता है। उभयधर्मी ऑक्साइडों के उदाहरण हैं
Detailed Explanation:
उभयधर्मी ऑक्साइड अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं।
✅ Al₂O₃ (एल्युमिनियम ऑक्साइड) HCl से अभिक्रिया करके AlCl₃ + H₂O और NaOH से अभिक्रिया करके NaAlO₂ + H₂O बनाता है।
✅ ZnO (जिंक ऑक्साइड) H₂SO₄ से अभिक्रिया करके ZnSO₄ + H₂O और NaOH से अभिक्रिया करके Na₂ZnO₂ + H₂O बनाता है।
❌ CuO (कॉपर ऑक्साइड) एक क्षारीय ऑक्साइड है जो केवल अम्लों से अभिक्रिया करता है, क्षारों से नहीं।
इसलिए, विकल्प 2 (Al₂O₃ और ZnO) सही उत्तर है।
अम्ल धातु कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करके ______ गैस मुक्त करते हैं।
Detailed Explanation:
जब अम्ल धातु कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करते हैं, तो सामान्य अभिक्रिया होती है: अम्ल + धातु कार्बोनेट → लवण + जल + CO₂।
उदाहरण के लिए, HCl + CaCO₃ → CaCl₂ + H₂O + CO₂, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO₂) उत्पन्न होती है जो बुदबुदाहट (effervescence) के रूप में दिखाई देती है।
किस अम्ल को HOOCCOOH के रूप में वर्णित किया जाता है?
Detailed Explanation:
HOOCCOOH रासायनिक सूत्र ऑक्सैलिक अम्ल का है, जो दो कार्बोक्सिल समूहों (-COOH) वाला एक डाइकार्बोक्सिलिक अम्ल है।
कार्बोनिक अम्ल H₂CO₃ है, एसिटिक अम्ल CH₃COOH है, इसलिए विकल्प 2 ही एकमात्र सही उत्तर है।
आपको तीन परखनलियाँ प्रदान की गई हैं। उनमें से एक में आसुत जल है और अन्य दो में क्रमशः अम्लीय विलयन और क्षारीय विलयन हैं। इनमें से कौन सा लाल लिटमस को नीला कर देगा?
Detailed Explanation:
लाल लिटमस पेपर केवल क्षारीय (बेसिक) विलयन की उपस्थिति में नीला हो जाता है।
आसुत जल उदासीन (pH 7) होता है और लिटमस का रंग नहीं बदलता; अम्लीय विलयन नीले लिटमस को लाल करते हैं, उल्टा नहीं; केवल क्षार में लाल लिटमस को नीला करने का रासायनिक गुण होता है।
एसिटिक अम्ल की गंध किसके समान होती है?
Detailed Explanation:
एसिटिक अम्ल (acetic acid) सिरके का मुख्य घटक है, जो इसे इसकी विशिष्ट तीखी, खट्टी गंध प्रदान करता है।
सिरके में आमतौर पर आयतन के हिसाब से 4-8% एसिटिक अम्ल होता है, यही कारण है कि शुद्ध एसिटिक अम्ल की गंध सिरके के समान होती है।
सूखी HCl गैस सूखे लिटमस पेपर का रंग क्यों नहीं बदलती है?
Detailed Explanation:
सूखी HCl गैस आयनित नहीं होती और H₃O⁺ (हाइड्रोनियम) आयन उत्पन्न नहीं करती क्योंकि आयनीकरण के लिए जल अणुओं की उपस्थिति आवश्यक है।
लिटमस पेपर केवल तब रंग बदलता है जब घोल में H₃O⁺ आयन उपस्थित हों; सूखी HCl आणविक (HCl) रूप में रहती है और जल के बिना प्रोटॉन दान नहीं कर सकती, इसलिए अम्ल की तरह कार्य नहीं करती।
विषम को पहचानें।
Detailed Explanation:
✅ विकल्प 1 – फल का पकना: यह एक अपरिवर्तनीय परिवर्तन है (फल को फिर से कच्चा नहीं किया जा सकता)।
✅ विकल्प 2 – सीमेंट का जमना: यह एक अपरिवर्तनीय परिवर्तन है (सीमेंट जमने के बाद पाउडर रूप में वापस नहीं आ सकता)।
✅ विकल्प 3 – कोयले का जलना: यह एक अपरिवर्तनीय परिवर्तन है (कोयला एक बार जल जाने के बाद वापस नहीं मिल सकता)।
तीनों विकल्प अपरिवर्तनीय परिवर्तन दर्शाते हैं, इसलिए इनमें से कोई भी विषम नहीं है। अतः विकल्प 5 (उपरोक्त में से कोई नहीं) सही है।
हीरे और ग्रेफाइट के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: हीरा एक विद्युत रोधक है (कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं), जबकि ग्रेफाइट एक अच्छा विद्युत चालक है (परतों में विस्थानीकृत इलेक्ट्रॉन होते हैं)।
❌ कथन 2 – गलत: हीरे में चतुष्फलकीय क्रिस्टल संरचना होती है (प्रत्येक कार्बन 3D में 4 अन्य से बंधा), जबकि ग्रेफाइट में षट्कोणीय परतदार संरचना होती है (प्रत्येक कार्बन 2D परतों में 3 अन्य से बंधा)।
❌ कथन 3 – गलत: हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है (मोह पैमाने पर 10), जबकि ग्रेफाइट परतों के बीच कमजोर वैन डेर वाल्स बलों के कारण नरम और फिसलनदार है (मोह पैमाने पर 1-2)।
दोनों कार्बन के अपररूप हैं जिनमें विभिन्न परमाणु व्यवस्थाओं के कारण बहुत भिन्न भौतिक गुण हैं।
परमाणु के नाभिक में निम्नलिखित होते हैं
Detailed Explanation:
परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन (धनावेशित) और न्यूट्रॉन (उदासीन) होते हैं, जो घने केंद्रीय भाग का निर्माण करते हैं जिसे रदरफोर्ड ने 1911 में खोजा था।
इलेक्ट्रॉन नाभिक के बाहर इलेक्ट्रॉन बादलों में परिक्रमा करते हैं—वे नाभिकीय संरचना का हिस्सा नहीं हैं।
अतः, केवल प्रोटॉन और न्यूट्रॉन नाभिक का निर्माण करते हैं, जिससे विकल्प 2 सही उत्तर है।
वह धातुकर्म प्रक्रिया जिसमें धातु को संगलित अवस्था में प्राप्त किया जाता है, कहलाती है
Detailed Explanation:
प्रगलन (Smelting) वह धातुकर्म प्रक्रिया है जिसमें अयस्क को अपचायक (जैसे कोक) के साथ गर्म करके धातु को संगलित (पिघली हुई) अवस्था में प्राप्त किया जाता है और धातुमल से पृथक किया जाता है।
भर्जन अधिक वायु में सल्फाइड को ऑक्साइड में बदलता है, निस्तापन सीमित वायु में वाष्पशील अशुद्धियाँ हटाता है, और फेन प्लवन एक भौतिक सांद्रण विधि है—कोई भी सीधे पिघली धातु नहीं देता।
अतः, केवल प्रगलन में धातु संगलित अवस्था में प्राप्त होती है, जिससे विकल्प 4 सही उत्तर है।