भारत में कार्यरत विदेशी स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स फर्मों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- वे अपने प्लेटफॉर्म को बाजार-स्थल के रूप में प्रदान करने के अलावा अपना स्वयं का माल बेच सकते हैं।
- उनके प्लेटफॉर्म पर बड़े विक्रेताओं का वे किस हद तक स्वामित्व रख सकते हैं, यह सीमित है।
उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
यह प्रश्न भारत में विदेशी ई-कॉमर्स फर्मों को नियंत्रित करने वाले FDI नियमों की समझ का परीक्षण करता है। कथन 1 गलत है क्योंकि मार्केटप्लेस मॉडल के तहत काम करने वाली विदेशी स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स कंपनियों को अपना स्वयं का सामान बेचने से प्रतिबंधित किया गया है। कथन 2 सही है क्योंकि नियम उनके प्लेटफॉर्म पर विक्रेताओं के स्वामित्व और नियंत्रण को सीमित करते हैं।
❌ कथन 1 – गलत: मार्केटप्लेस मॉडल के तहत संचालित विदेशी स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स फर्में अपना स्वयं का सामान नहीं बेच सकतीं; वे केवल खरीदारों और विक्रेताओं को जोड़ने वाला एक मंच प्रदान कर सकती हैं। इन्वेंटरी-आधारित मॉडल में FDI प्रतिबंधित है।
✅ कथन 2 – सही: प्रेस नोट 2 (2018) प्लेटफॉर्म द्वारा विक्रेताओं के स्वामित्व को सीमित करता है—यदि किसी विक्रेता की 25% से अधिक खरीद मार्केटप्लेस इकाई या उसकी समूह कंपनियों से होती है, तो विक्रेता को प्लेटफॉर्म द्वारा नियंत्रित माना जाता है, जो अनुमत नहीं है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: ई-कॉमर्स में FDI नीति
| पहलू | मार्केटप्लेस मॉडल | इन्वेंटरी-आधारित मॉडल |
|---|---|---|
| FDI की अनुमति | स्वचालित मार्ग के तहत 100% FDI की अनुमति | FDI की अनुमति नहीं |
| व्यवसाय मॉडल | खरीदारों और विक्रेताओं के बीच सुविधाकर्ता/मंच के रूप में कार्य करता है | इन्वेंटरी का स्वामित्व रखता है और सीधे उपभोक्ताओं को बेचता है |
| इन्वेंटरी स्वामित्व | इन्वेंटरी का स्वामित्व या नियंत्रण नहीं कर सकते | इन्वेंटरी का स्वामित्व और नियंत्रण रखता है |
| स्वयं का सामान बेचना | अपना स्वयं का सामान बेचने से प्रतिबंधित | अपना सामान बेच सकते हैं (लेकिन FDI की अनुमति नहीं) |
| विक्रेताओं पर नियंत्रण | विक्रेताओं को नियंत्रित नहीं कर सकते; 25% खरीद सीमा (प्रेस नोट 2, 2018) | इन्वेंटरी और बिक्री पर पूर्ण नियंत्रण |
| उदाहरण | अमेज़न इंडिया, फ्लिपकार्ट (मार्केटप्लेस के रूप में) | पारंपरिक खुदरा ई-कॉमर्स |
- प्रेस नोट 2 (2018): परिहार को रोकने के लिए कड़े मानदंड—मार्केटप्लेस या उसकी समूह कंपनियों से 25% से अधिक खरीद करने वाले विक्रेताओं को नियंत्रित इकाइयां माना जाता है।
- उद्देश्य: छोटे खुदरा विक्रेताओं की रक्षा करना और समान अवसर सुनिश्चित करना; शिकारी मूल्य निर्धारण और भारी छूट को रोकना।
- एकल विक्रेता प्रतिबंध: मार्केटप्लेस इकाइयां और उनकी समूह कंपनियां किसी एक विक्रेता के माध्यम से 25% से अधिक बिक्री नहीं कर सकतीं।
- अनुमत सेवाएं: गोदाम, रसद, ऑर्डर पूर्ति, कॉल सेंटर और भुगतान संग्रह सेवाएं प्रदान कर सकते हैं।
Question 1 of 5 एफडीआई एवं एफपीआई
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