भारत में कानून के प्रावधानों के तहत उपभोक्ताओं के अधिकारों/विशेषाधिकारों के संदर्भ में, निम्नलिखित में कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- उपभोक्ताओं को खाद्य परीक्षण के लिए नमूने लेने का अधिकार है।
- जब कोई उपभोक्ता किसी उपभोक्ता मंच में शिकायत दर्ज करता है, तो कोई शुल्क देना आवश्यक नहीं होता है।
- किसी उपभोक्ता की मृत्यु के मामले में, उसका/उसकी कानूनी उत्तराधिकारी उसकी ओर से उपभोक्ता मंच में शिकायत दर्ज कर सकता है।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत, उपभोक्ताओं को गुणवत्ता, शुद्धता और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए खाद्य परीक्षण हेतु नमूने लेने का अधिकार है।
❌ कथन 2 – गलत: उपभोक्ता मंचों में फाइलिंग शुल्क देना आवश्यक है – ₹5 लाख तक के दावों के लिए ₹200, ₹5-10 लाख के लिए ₹400, और ₹10 लाख से ऊपर के दावों के लिए ₹5,000 (उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अनुसार)। केवल ₹5 लाख तक के दावों को न्यायालय शुल्क से छूट है, फाइलिंग शुल्क से नहीं।
✅ कथन 3 – सही: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(7) के तहत, कानूनी उत्तराधिकारी/प्रतिनिधि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए मृत उपभोक्ता की ओर से शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
Question 1 of 1 उपभोक्ता संरक्षण और अधिकार
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