जल शुद्धिकरण प्रणालियों में पराबैंगनी (UV) विकिरण की क्या भूमिका है?
- यह जल में हानिकारक सूक्ष्मजीवों को निष्क्रिय/मारता है।
- यह जल से सभी अवांछित गंधों को दूर करता है।
- यह ठोस कणों के अवसादन को तेज करता है, गंदलापन दूर करता है और जल की स्पष्टता में सुधार करता है।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: UV विकिरण सूक्ष्मजीवों (बैक्टीरिया, वायरस, प्रोटोजोआ) के DNA/RNA को क्षतिग्रस्त करता है, जिससे वे प्रभावी रूप से निष्क्रिय या मर जाते हैं और यह जल शुद्धिकरण में एक शक्तिशाली कीटाणुशोधन विधि बन जाता है।
❌ कथन 2 – गलत: UV विकिरण जल से गंध नहीं हटाता; गंध हटाने के लिए सक्रिय कार्बन फिल्टर, वातन, या रासायनिक उपचार की आवश्यकता होती है।
❌ कथन 3 – गलत: UV विकिरण अवसादन, गंदलापन हटाने, या जल की स्पष्टता को प्रभावित नहीं करता; इन प्रक्रियाओं के लिए स्कंदन, फ्लोक्यूलेशन, और निस्पंदन की आवश्यकता होती है।
Question 1 of 1 अपशिष्ट प्रबंधन तकनीक
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