प्रसिद्ध चित्रकारी "बनी ठनी" किससे संबंधित है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — किशनगढ़ शैली
"बनी ठनी" राजस्थान की किशनगढ़ शैली की 18वीं शताब्दी की एक प्रतिष्ठित चित्रकारी है, जिसे भारतीय 'मोनालिसा' के रूप में जाना जाता है। यह लम्बी विशेषताओं और सुंदर लालित्य वाली एक महिला को दर्शाती है, जिसे दैवीय प्रेमिका राधा या कवयित्री-गायिका बनी ठनी स्वयं का प्रतिनिधित्व माना जाता है। यह चित्रकारी राजा सावंत सिंह के संरक्षण में किशनगढ़ कला की रोमांटिक और भक्तिमय विषय-वस्तु का प्रतीक है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: राजस्थानी लघु चित्रकला की शैलियाँ
| शैली | काल | प्रमुख विशेषताएँ | प्रसिद्ध कृतियाँ/विषय |
|---|---|---|---|
| किशनगढ़ | 18वीं शताब्दी | लम्बी आँखें और चेहरे, सुंदर लालित्य, रोमांटिक विषय, राधा-कृष्ण भक्ति | बनी ठनी, राधा-कृष्ण श्रृंखला |
| बूंदी | 17वीं-18वीं शताब्दी | गहरे रंग, शिकार दृश्य, राजसी जीवन, हरियाली, गतिशील रचना | रागमाला श्रृंखला, चौगान खिलाड़ी |
| जयपुर | 18वीं-19वीं शताब्दी | मुगल प्रभाव, चित्र, दरबारी दृश्य, जीवंत रंग | गीत गोविंद श्रृंखला, राजसी चित्र |
| कांगड़ा | 18वीं-19वीं शताब्दी | कोमल रंग, गीतात्मक विषय, नाजुक विशेषताएँ, प्राकृतिक परिदृश्य, पहाड़ी शैली | गीत गोविंद, भागवत पुराण, नायिका भेद |
- मेवाड़ शैली: सबसे प्रारंभिक राजस्थानी शैलियों में से एक, गहरे रंगों और रामायण तथा भागवत पुराण जैसे धार्मिक विषयों के लिए प्रसिद्ध।
- मारवाड़ (जोधपुर) शैली: शासकों के चित्रों, गहरी रूपरेखाओं और लोक कला के प्रभावों के लिए जानी जाती है।
- बीकानेर शैली: मजबूत मुगल प्रभाव, सूक्ष्म विवरण और दरबारी दृश्य।
Question 1 of 1 लघु चित्रकला
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