भारतीय रिजर्व बैंक निम्नलिखित मामलों में वाणिज्यिक बैंकों को विनियमित करता है -
- परिसंपत्तियों की तरलता
- शाखा विस्तार
- बैंकों का विलय
- बैंकों का परिसमापन
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Detailed Explanation:
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) वाणिज्यिक बैंकों को बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत व्यापक रूप से विनियमित करता है। यह CRR (नकद आरक्षित अनुपात) और SLR (सांविधिक तरलता अनुपात) के माध्यम से परिसंपत्तियों की तरलता को नियंत्रित करता है, नई शाखाओं के लिए लाइसेंस देकर शाखा विस्तार को विनियमित करता है, वित्तीय स्थिरता और जमाकर्ता संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए बैंकों के विलय की निगरानी करता है, और गंभीर वित्तीय संकट की स्थिति में बैंकों का परिसमापन शुरू करता है। सभी चार विनियामक कार्य RBI की मुख्य शक्तियाँ हैं।
Question 8 of 9 भारतीय रिजर्व बैंक
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