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1857 का विद्रोह Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: 1857 का विद्रोह
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1856 में अवध पर कब्जे के तुरंत बाद ब्रिटिश नीति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- तालुकदारों को उनकी संपत्ति से बेदखल कर दिया गया लेकिन उन्हें अपने हथियार और किले बनाए रखने की अनुमति दी गई।
- 1856 में एक सारांश राजस्व समझौता यह मानते हुए किया गया था कि तालुकदार बाहरी थे।
- अंग्रेज तालुकदारों को हटाकर किसानों से सीधे राजस्व लेने में विश्वास करते थे।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
कथन 1 — गलत। अवध के ताल्लुकदार ब्रिटिश अधिग्रहण से पूर्व निजी सेनाएं और किले रखते थे। 1856 में ब्रिटिश अधिग्रहण के बाद उन्हें केवल संपत्ति से ही नहीं हटाया गया — बल्कि उन्हें निःशस्त्र भी किया गया और उनके किले पूरी तरह नष्ट कर दिए गए।
कथन 2 — सही। अवध में पहला ब्रिटिश भूमि राजस्व बंदोबस्त 1856 का सारांश बंदोबस्त (Summary Settlement) था, जो इस स्पष्ट धारणा पर आधारित था कि ताल्लुकदार "बाहरी लोग" (Interlopers) हैं जिनका भूमि पर कोई स्थायी या वंशानुगत अधिकार नहीं है।
कथन 3 — सही। Summary Settlement का प्राथमिक उद्देश्य ताल्लुकदारों को पूरी तरह बायपास करके भूमि राजस्व का बंदोबस्त सीधे वास्तविक काश्तकारों (किसानों/रैयतों) के साथ करना था। ब्रिटिश अधिकारियों का मानना था कि इससे:
- किसानों का शोषण कम होगा
- राज्य की राजस्व आय बढ़ेगी
मुख्य संबंध: इस नीति के तहत ताल्लुकदारों का अपमान और भूमि-हरण 1857 के विद्रोह के प्रमुख कारणों में से एक था — वे अपनी खोई संपत्ति और सम्मान वापस पाने के लिए विद्रोह में शामिल हुए।
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