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प्रागैतिहासिक काल Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: प्रागैतिहासिक काल
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निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
| ऐतिहासिक स्थल | किसके लिए प्रसिद्ध |
|---|---|
| बुर्जहोम | शैलकृत मंदिर |
| चंद्र-केतुगढ़ | टेराकोटा कला |
| गणेश्वर | ताम्र कलाकृतियाँ |
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — 2 और 3
यह प्रश्न पुरातात्विक स्थलों और उनकी विशिष्ट विशेषताओं के ज्ञान की परीक्षा करता है। तीनों युग्मों में से केवल चंद्र-केतुगढ़ (टेराकोटा कला) और गणेश्वर (ताम्र कलाकृतियाँ) सही सुमेलित हैं, जबकि बुर्जहोम को शैलकृत मंदिरों से गलत तरीके से संबद्ध किया गया है।
❌ युग्म 1 – गलत: बुर्जहोम (कश्मीर घाटी) एक नवपाषाण स्थल है जो गर्त-आवासों और अस्थि उपकरणों के लिए प्रसिद्ध है, न कि शैलकृत मंदिरों के लिए जो बाद की बौद्ध/जैन परंपराओं से संबंधित हैं।
✅ युग्म 2 – सही: चंद्र-केतुगढ़ (पश्चिम बंगाल) अपनी उत्कृष्ट टेराकोटा कला के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से तीसरी शताब्दी ईस्वी तक की पट्टिकाएँ और मूर्तियाँ शामिल हैं।
✅ युग्म 3 – सही: गणेश्वर (राजस्थान) एक ताम्रपाषाणिक स्थल (4000-2000 ईसा पूर्व) है जो ताम्र कलाकृतियों जैसे उपकरण, हथियार और आभूषणों के लिए प्रसिद्ध है, जो प्रारंभिक धातुकर्म परंपराओं का प्रतिनिधित्व करता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत के महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल
| स्थल | स्थान | काल | किसके लिए प्रसिद्ध |
|---|---|---|---|
| बुर्जहोम | कश्मीर घाटी | नवपाषाण (3000-1500 ईसा पूर्व) | गर्त-आवास, अस्थि उपकरण, घिसे हुए पत्थर की कुल्हाड़ियाँ |
| चंद्र-केतुगढ़ | पश्चिम बंगाल | तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व - तीसरी शताब्दी ईस्वी | टेराकोटा कला, पट्टिकाएँ, मूर्तियाँ |
| गणेश्वर | राजस्थान | ताम्रपाषाण (4000-2000 ईसा पूर्व) | ताम्र कलाकृतियाँ, उपकरण, हथियार, आभूषण |
| बागोर | राजस्थान | मध्यपाषाण | सूक्ष्म पाषाण उपकरण, पशु अस्थियाँ |
| आहड़ | राजस्थान | ताम्रपाषाण | काले-और-लाल मृद्भांड |
| कोल्डिहवा | उत्तर प्रदेश | नवपाषाण | धान की खेती का प्रारंभिक साक्ष्य |
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