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उत्तर-गुप्त काल Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: उत्तर-गुप्त काल
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गुप्तों के पतन से लेकर सातवीं शताब्दी के प्रारंभ में हर्षवर्धन के उदय तक, निम्नलिखित में से कौन से राज्य उत्तरी भारत में सत्ता में थे?
- मगध के गुप्त
- मालवा के परमार
- थानेसर के पुष्यभूति
- कन्नौज के मौखरि
- देवगिरि के यादव
- वलभी के मैत्रक
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — 1, 3, 4 और 6
साम्राज्यवादी गुप्तों के पतन (लगभग 550 ईस्वी) और हर्षवर्धन के उदय (606 ईस्वी) के बीच की अवधि के दौरान, उत्तरी भारत में कई क्षेत्रीय शक्तियों का उदय हुआ। मगध के उत्तर गुप्त, थानेसर के पुष्यभूति, कन्नौज के मौखरि और वलभी के मैत्रक सभी प्रमुख राज्य थे जो इस संक्रमणकालीन अवधि के दौरान सत्ता में थे।
✅ कथन 1 – सही: उत्तर गुप्त (साम्राज्यवादी गुप्तों से भिन्न) 6वीं से 8वीं शताब्दी ईस्वी तक मगध और बिहार के कुछ हिस्सों पर शासन करते थे।
❌ कथन 2 – गलत: मालवा के परमार बहुत बाद में, लगभग 9वीं शताब्दी ईस्वी में उभरे, जो हर्ष के समय के काफी बाद था।
✅ कथन 3 – सही: पुष्यभूति वंश (वर्धन वंश) ने 6वीं-7वीं शताब्दी में थानेसर पर शासन किया; हर्षवर्धन इसी वंश से संबंधित थे।
✅ कथन 4 – सही: मौखरि ने 6वीं शताब्दी में कन्नौज पर शासन किया और पतनशील गुप्तों के महत्वपूर्ण समकालीन थे।
❌ कथन 5 – गलत: देवगिरि के यादव 12वीं-13वीं शताब्दी ईस्वी में प्रमुखता में आए, जो प्रश्न में दी गई अवधि से बहुत बाद का समय है।
✅ कथन 6 – सही: मैत्रकों ने गुप्त पतन के बाद 5वीं-6वीं शताब्दी ईस्वी में वलभी (गुजरात) में एक स्वतंत्र राज्य की स्थापना की।
📝 संक्षिप्त नोट्स: गुप्तोत्तर क्षेत्रीय राज्य (550-606 ईस्वी)
| वंश | क्षेत्र/राजधानी | काल | मुख्य तथ्य |
|---|---|---|---|
| उत्तर गुप्त | मगध | 6वीं-8वीं शताब्दी ईस्वी | साम्राज्यवादी गुप्तों से अलग; बिहार और मगध के कुछ हिस्सों पर शासन किया |
| पुष्यभूति (वर्धन) | थानेसर (हरियाणा) | 6वीं-7वीं शताब्दी ईस्वी | हर्षवर्धन इसी वंश से थे; उत्तरी भारत में सत्ता को समेकित किया |
| मौखरि | कन्नौज | 6वीं शताब्दी ईस्वी | रणनीतिक शहर कन्नौज को नियंत्रित किया; विवाह के माध्यम से पुष्यभूतियों के साथ गठबंधन किया |
| मैत्रक | वलभी (गुजरात) | 5वीं-8वीं शताब्दी ईस्वी | पूर्व गुप्त सामंत जो स्वतंत्र हो गए; बौद्ध धर्म को संरक्षण दिया |
चीनी यात्री युवान च्वांग (ह्वेन त्सांग) ने भारत की यात्रा की और उस समय की सामान्य स्थिति और संस्कृति का वर्णन किया। इस संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- सड़कें और नदी-मार्ग डकैती से पूर्णतया मुक्त थे।
- अपराधों के लिए दंड के संबंध में, अग्नि, जल और विष द्वारा परीक्षा किसी व्यक्ति की निर्दोषता या अपराध निर्धारित करने के साधन थे।
- व्यापारियों को नौका घाटों और बाधा स्टेशनों पर शुल्क देना पड़ता था।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: युवान च्वांग (ह्वेन त्सांग) स्वयं भारत में यात्रा के दौरान लुटे गए थे, जो यह सिद्ध करता है कि सड़कें और नदी-मार्ग डकैती से पूर्णतया मुक्त नहीं थे।
✅ कथन 2 – सही: युवान च्वांग ने दर्ज किया कि चार परीक्षाएं – जल, अग्नि, तौल और विष द्वारा – अभियुक्त व्यक्तियों की निर्दोषता या अपराध निर्धारित करने के लिए उपयोग की जाती थीं।
✅ कथन 3 – सही: उन्होंने बताया कि व्यापारी हल्के शुल्क देते थे नौका घाटों और बाधा स्टेशनों पर अपने माल का व्यापार करते समय।
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