महात्मा गांधी ने 1932 में मुख्यतः किस कारण से आमरण अनशन किया:
Detailed Explanation:
महात्मा गांधी ने 20 सितंबर 1932 को यरवदा जेल में ब्रिटिश प्रधानमंत्री रामसे मैकडोनाल्ड द्वारा अगस्त 1932 में घोषित सांप्रदायिक पंचाट के विरोध में आमरण अनशन शुरू किया।
पंचाट में दलित वर्गों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल का प्रावधान था, जिसका गांधी ने विरोध किया क्योंकि उन्हें डर था कि यह हिंदू समाज को स्थायी रूप से विभाजित करेगा और सामाजिक एकीकरण में बाधा डालेगा; अनशन पूना पैक्ट (24 सितंबर 1932) के साथ समाप्त हुआ जो गांधी और बी.आर. अम्बेडकर के बीच हुआ, जिसने पृथक निर्वाचक मंडल को संयुक्त निर्वाचक मंडलों में आरक्षित सीटों से बदल दिया।
Question 1 of 1 राष्ट्रीय आंदोलन में गांधी की भूमिका
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