UPSC CSE Prelims
अंतरराष्ट्रीय संबंध समसामयिकी Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: अंतरराष्ट्रीय संबंध समसामयिकी
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निम्नलिखित जोड़ियों पर विचार करें:
I. महिला किसान का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष: 2026
II. सतत और लचीले पर्यटन का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष: 2027
III. शांति और विश्वास का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष: 2025
IV. क्षुद्रग्रह जागरूकता और ग्रह रक्षा का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष: 2029
ऊपर दिए गए कितने जोड़े सही सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
दिए गए सभी युग्म सही हैं और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय वर्षों से संबंधित हैं।
✅ युग्म I: International Year of the Woman Farmer — 2026
✅ युग्म II: International Year of Sustainable and Resilient Tourism — 2027
✅ युग्म III: International Year of Peace and Trust — 2025
✅ युग्म IV: International Year of Asteroid Awareness and Planetary Defence — 2029
अतः सभी चार युग्म सही मिलाए गए हैं।
फरवरी 2025 में ग्रैंड पैलैस, पेरिस में आयोजित एआई एक्शन समिट के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. भारत के साथ सह-अध्यक्षता में, यह आयोजन 2023 में आयोजित बैलेचले पार्क शिखर सम्मेलन और 2024 में आयोजित सियोल शिखर सम्मेलन में हुई प्रगति पर आधारित है।
II. अन्य देशों के साथ, अमेरिका और ब्रिटेन ने भी समावेशी और टिकाऊ एआई पर घोषणा पर हस्ताक्षर किए।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
✅ कथन I सही है: फरवरी 2025 में पेरिस के ग्रैंड पैलेस में आयोजित AI Action Summit की सह-अध्यक्षता भारत और फ्रांस ने की थी। यह सम्मेलन Bletchley Park Summit (2023) और Seoul Summit (2024) में हुई प्रगति पर आधारित था।
❌ कथन II गलत है: Inclusive and Sustainable AI Declaration पर 58 देशों ने हस्ताक्षर किए थे, लेकिन अमेरिका और ब्रिटेन ने इस घोषणा पर हस्ताक्षर नहीं किए।
इसलिए केवल कथन I सही है।
'व्यायाम मित्र शक्ति-2023' के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- यह भारत और बांग्लादेश के बीच एक संयुक्त सैन्य अभ्यास था।
- इसकी शुरुआत औंध (पुणे) में हुई।
- आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान संयुक्त प्रतिक्रिया इस ऑपरेशन का एक लक्ष्य था।
- भारतीय वायुसेना इस अभ्यास का हिस्सा थी.
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 4 (2, 3 और 4)
मित्र शक्ति 2023 भारत और श्रीलंका के बीच आयोजित 9वाँ संयुक्त सैन्य अभ्यास था। इसका आयोजन औंध (पुणे), महाराष्ट्र में हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य आतंकवाद-रोधी अभियानों में संयुक्त प्रतिक्रिया और दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय विकसित करना था। इसमें भारतीय वायु सेना (IAF) के कर्मियों ने भी भाग लिया।
❌ कथन 1 गलत है: मित्र शक्ति भारत और श्रीलंका के बीच होता है, बांग्लादेश के साथ नहीं।
✅ कथन 2 सही है: यह अभ्यास औंध (पुणे) में शुरू हुआ था।
✅ कथन 3 सही है: आतंकवाद-रोधी अभियानों में संयुक्त प्रतिक्रिया इसका प्रमुख उद्देश्य था।
✅ कथन 4 सही है: इस अभ्यास में भारतीय वायु सेना के कर्मियों ने भी भाग लिया।
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हाल के वर्षों में चाड, गिनी, माली और सूडान ने निम्नलिखित में से किस एक कारण से अंतर्राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया, जो उन सभी में समान है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — सफल सैन्य तख्तापलट
चाड, गिनी, माली और सूडान सभी ने हाल के वर्षों में सफल सैन्य तख्तापलट का अनुभव किया है, जो अंतर्राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने वाला सामान्य कारक है। चाड ने 2021 में राष्ट्रपति इद्रिस डेबी की मृत्यु के बाद सैन्य अधिग्रहण देखा, गिनी ने सितंबर 2021 में राष्ट्रपति अल्फा कोंडे को उखाड़ फेंकने वाला एक तख्तापलट का अनुभव किया, माली ने दो तख्तापलट (अगस्त 2020 और मई 2021 में) का सामना किया, और सूडान ने अप्रैल 2019 में एक सैन्य तख्तापलट किया जिसने राष्ट्रपति उमर अल-बशीर को हटा दिया, इसके बाद अक्टूबर 2021 में एक और तख्तापलट हुआ। इन सैन्य अधिग्रहणों ने लोकतांत्रिक पतन, राजनीतिक अस्थिरता, मानवाधिकार उल्लंघन और अफ्रीका में क्षेत्रीय सुरक्षा के बारे में महत्वपूर्ण चिंताएं उठाई हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: अफ्रीका में हाल के सैन्य तख्तापलट
| देश | तख्तापलट की तारीख(ें) | प्रमुख विवरण |
|---|---|---|
| चाड | अप्रैल 2021 | राष्ट्रपति इद्रिस डेबी की मृत्यु के बाद सैन्य परिषद ने सत्ता संभाली; उनके बेटे महामत डेबी ने नेतृत्व संभाला |
| गिनी | सितंबर 2021 | कर्नल ममाडी दूम्बुया ने राष्ट्रपति अल्फा कोंडे के खिलाफ तख्तापलट का नेतृत्व किया; संवैधानिक संशोधन मुद्दा उद्धृत |
| माली | अगस्त 2020, मई 2021 | पहले तख्तापलट ने राष्ट्रपति इब्राहिम बूबाकर केइता को हटाया; दूसरे तख्तापलट में कर्नल असिमी गोइटा ने अंतरिम नेताओं को हटाया |
| सूडान | अप्रैल 2019, अक्टूबर 2021 | 2019 के तख्तापलट ने उमर अल-बशीर के 30 साल के शासन को समाप्त किया; 2021 के तख्तापलट ने नागरिक शासन में संक्रमण को बाधित किया |
- क्षेत्रीय प्रभाव: ये तख्तापलट अफ्रीका के साहेल और उप-सहारा क्षेत्रों में व्यापक लोकतांत्रिक चुनौतियों को दर्शाते हैं
- अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया: अफ्रीकी संघ, ECOWAS और संयुक्त राष्ट्र ने इन सैन्य अधिग्रहणों की निंदा की और प्रतिबंध लगाए
- सामान्य कारक: भ्रष्टाचार, आर्थिक कुप्रबंधन, सुरक्षा चिंताएं और विवादित चुनाव अधिकांश तख्तापलटों से पहले हुए
- लोकतंत्र संबंधी चिंताएं: तख्तापलटों की लहर अफ्रीका में लोकतांत्रिक शासन के लिए महत्वपूर्ण झटका दर्शाती है
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन-I: हाल ही में, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) और यूरोपीय संघ (EU) ने 'व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद' की शुरुआत की है।
कथन-II: USA और EU का दावा है कि इसके माध्यम से वे तकनीकी प्रगति और भौतिक उत्पादकता को अपने नियंत्रण में लाने का प्रयास कर रहे हैं।
उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — कथन-I सही है लेकिन कथन-II गलत है
संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ ने वास्तव में जून 2021 में व्यापार, आर्थिक और प्रौद्योगिकी मुद्दों पर ट्रान्सअटलांटिक सहयोग बढ़ाने के लिए व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (TTC) की शुरुआत की। हालांकि, कथन-II में TTC के उद्देश्य को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
✅ कथन-I – सही: USA और EU ने 15 जून, 2021 को ब्रुसेल्स में EU-US शिखर सम्मेलन में वैश्विक व्यापार, आर्थिक और प्रौद्योगिकी चुनौतियों के प्रति दृष्टिकोण समन्वित करने के लिए व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की औपचारिक शुरुआत की।
❌ कथन-II – गलत: TTC का उद्देश्य तकनीकी प्रगति और भौतिक उत्पादकता को "अपने नियंत्रण में लाना" नहीं है; बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने, प्रौद्योगिकी मानकों पर समन्वय करने, आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों को दूर करने, निवेश जांच को बढ़ाने, और खुले बाजारों और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनाए रखते हुए प्रौद्योगिकी के सत्तावादी उपयोग का मुकाबला करने का प्रयास करता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: US-EU व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (TTC)
- शुरुआत: 15 जून, 2021, ब्रुसेल्स में EU-US शिखर सम्मेलन में
- उद्देश्य: ट्रान्सअटलांटिक व्यापार और निवेश संबंधों का विस्तार और गहनता; प्रौद्योगिकी, डिजिटल मुद्दों और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दृष्टिकोण समन्वित करना
- मुख्य फोकस क्षेत्र: प्रौद्योगिकी मानक सहयोग, सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला, डेटा शासन, निर्यात नियंत्रण, निवेश जांच, जलवायु और स्वच्छ प्रौद्योगिकी, और प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग का मुकाबला
- संरचना: अमेरिकी पक्ष से विदेश मंत्री और वाणिज्य सचिव और EU पक्ष से यूरोपीय आयोग के कार्यकारी उपाध्यक्षों द्वारा सह-अध्यक्षता
- कार्य समूह: AI, सेमीकंडक्टर, डेटा शासन और ICT सुरक्षा जैसे क्षेत्रों को कवर करने वाले दस कार्य समूह
- रणनीतिक संदर्भ: चीन और अन्य गैर-बाजार अर्थव्यवस्थाओं से चुनौतियों का सामना करने और प्रौद्योगिकी शासन में लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए नवीनीकृत ट्रान्सअटलांटिक सहयोग का हिस्सा
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
क्षेत्र : अक्सर समाचारों में रहने का कारण
- उत्तरी किवु और इतुरी : आर्मेनिया और अज़रबैजान के बीच युद्ध
- नागोर्नो-काराबाख : मोज़ाम्बिक में विद्रोह
- खेरसॉन और ज़ापोरिज़िया : इज़रायल और लेबनान के बीच विवाद
उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — कोई नहीं
दिए गए युग्मों में से कोई भी सही सुमेलित नहीं है। तीनों युग्म गलत तरीके से क्षेत्रों को उन संघर्षों या विवादों से जोड़ते हैं जिनसे वे संबंधित नहीं हैं।
❌ युग्म 1 – गलत: उत्तरी किवु और इतुरी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के प्रांत हैं जो जातीय संघर्षों और विद्रोह का सामना कर रहे हैं, आर्मेनिया-अज़रबैजान युद्ध से संबंधित नहीं हैं।
❌ युग्म 2 – गलत: नागोर्नो-काराबाख आर्मेनिया और अज़रबैजान के बीच विवादित क्षेत्र है, मोज़ाम्बिक में विद्रोह (जो काबो डेलगाडो प्रांत में होता है) से संबंधित नहीं है।
❌ युग्म 3 – गलत: खेरसॉन और ज़ापोरिज़िया यूक्रेन के क्षेत्र हैं जो रूस-यूक्रेन संघर्ष में केंद्रबिंदु रहे हैं, इज़रायल और लेबनान के बीच किसी विवाद से संबंधित नहीं हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: हाल के वैश्विक संघर्ष क्षेत्र
| क्षेत्र | स्थान | वास्तविक संघर्ष/मुद्दा |
|---|---|---|
| उत्तरी किवु और इतुरी | कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) | जातीय संघर्ष, M23 विद्रोही विद्रोह, विस्थापन संकट |
| नागोर्नो-काराबाख | दक्षिण काकेशस (आर्मेनिया और अज़रबैजान के बीच विवादित) | क्षेत्रीय विवाद; 2020 युद्ध के परिणामस्वरूप अज़रबैजान का नियंत्रण; 2023 सैन्य अभियान से आर्मेनियाई लोगों का पलायन |
| खेरसॉन और ज़ापोरिज़िया | दक्षिणी यूक्रेन | रूस द्वारा विलय (2022); रूस-यूक्रेन युद्ध में सक्रिय युद्धक्षेत्र; ज़ापोरिज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र सुरक्षा चिंताएं |
| काबो डेलगाडो | उत्तरी मोज़ाम्बिक | 2017 से इस्लामी विद्रोह; ISIS से संबद्ध समूह; गैस-समृद्ध क्षेत्र |
| इज़रायल-लेबनान सीमा | मध्य पूर्व | हिज़्बुल्लाह से जुड़े तनाव; विवादित समुद्री सीमाएं; आंतरायिक सीमा पार घटनाएं |
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन-I: इज़रायल ने कुछ अरब राज्यों के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए हैं।
कथन-II: सऊदी अरब द्वारा मध्यस्थता किए गए 'अरब शांति पहल' पर इज़रायल और अरब लीग द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे।
उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — कथन-I सही है लेकिन कथन-II गलत है
यह प्रश्न अरब राज्यों के साथ इज़रायल के राजनयिक संबंधों और अरब शांति पहल के ज्ञान का परीक्षण करता है। कथन-I अब्राहम समझौतों और पूर्व शांति संधियों को सही ढंग से दर्शाता है, जबकि कथन-II गलत तरीके से दावा करता है कि इज़रायल ने अरब शांति पहल पर हस्ताक्षर किए।
✅ कथन-I – सही: इज़रायल ने मिस्र (1979), जॉर्डन (1994), यूएई, बहरीन, मोरक्को और सूडान (2020 अब्राहम समझौते) सहित कई अरब राज्यों के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए हैं।
❌ कथन-II – गलत: अरब शांति पहल (2002), जिसे सऊदी अरब द्वारा प्रस्तावित किया गया और अरब लीग द्वारा समर्थन दिया गया, पर इज़रायल द्वारा कभी हस्ताक्षर नहीं किए गए। यह कब्जे वाले क्षेत्रों से इज़रायली वापसी के बदले सामान्यीकरण की पेशकश करने वाला एक प्रस्ताव बना हुआ है, लेकिन इज़रायल ने औपचारिक रूप से इसकी शर्तों को स्वीकार नहीं किया है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: इज़रायल-अरब संबंध और शांति पहल
| शांति समझौता/पहल | वर्ष | मुख्य विवरण |
|---|---|---|
| कैंप डेविड समझौता | 1978 | मिस्र-इज़रायल शांति संधि; मिस्र इज़रायल को मान्यता देने वाला पहला अरब राज्य बना (1979) |
| ओस्लो समझौता | 1993 | इज़रायली-फिलिस्तीनी शांति प्रक्रिया के लिए रूपरेखा; फिलिस्तीनी प्राधिकरण की स्थापना |
| इज़रायल-जॉर्डन शांति संधि | 1994 | जॉर्डन इज़रायल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाला दूसरा अरब राज्य बना |
| अरब शांति पहल | 2002 | सऊदी अरब द्वारा प्रस्तावित; 1967 की सीमाओं तक इज़रायली वापसी के बदले अरब सामान्यीकरण की पेशकश; इज़रायल द्वारा हस्ताक्षरित नहीं |
| अब्राहम समझौते | 2020 | यूएई, बहरीन, मोरक्को, सूडान ने इज़रायल के साथ संबंध सामान्य किए; अमेरिका द्वारा मध्यस्थता |
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए : समाचारों में उल्लिखित संघर्ष क्षेत्र वह देश जहाँ यह स्थित है
- डोनबास : सीरिया
- काचिन : इथियोपिया
- टाइग्रे : उत्तरी यमन
उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — कोई नहीं
दिए गए युग्मों में से कोई भी सही सुमेलित नहीं है। सभी तीन संघर्ष क्षेत्रों को गलत देशों के साथ जोड़ा गया है।
❌ युग्म 1 – गलत: डोनबास पूर्वी यूक्रेन (सीरिया नहीं) में स्थित है। यह 2014 से यूक्रेनी बलों और रूसी समर्थित अलगाववादियों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है, जिसमें डोनेट्स्क और लुहांस्क क्षेत्र शामिल हैं।
❌ युग्म 2 – गलत: काचिन उत्तरी म्यांमार (इथियोपिया नहीं) में एक राज्य है। काचिन इंडिपेंडेंस आर्मी (KIA) जातीय स्वायत्तता और प्राकृतिक संसाधनों के नियंत्रण के लिए म्यांमार सेना के साथ लंबे समय से सशस्त्र संघर्ष में लगी हुई है।
❌ युग्म 3 – गलत: टाइग्रे इथियोपिया (उत्तरी यमन नहीं) का सबसे उत्तरी क्षेत्र है। नवंबर 2020 से, यहाँ इथियोपियाई संघीय सरकार, टाइग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (TPLF), और इरिट्रियाई बलों के बीच विनाशकारी गृह युद्ध देखा गया है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: प्रमुख समकालीन संघर्ष क्षेत्र
| संघर्ष क्षेत्र | देश | प्रमुख पक्षकार | संघर्ष की प्रकृति |
|---|---|---|---|
| डोनबास | यूक्रेन | यूक्रेन बनाम रूसी समर्थित अलगाववादी | 2014 से क्षेत्रीय/अलगाववादी संघर्ष |
| काचिन | म्यांमार | म्यांमार सेना बनाम काचिन इंडिपेंडेंस आर्मी (KIA) | जातीय स्वायत्तता संघर्ष |
| टाइग्रे | इथियोपिया | इथियोपियाई सरकार बनाम TPLF, इरिट्रिया | गृह युद्ध/क्षेत्रीय संघर्ष (2020-2022) |
| नागोर्नो-काराबाख | अजरबैजान/आर्मेनिया | अजरबैजान बनाम आर्मेनिया | क्षेत्रीय विवाद |
| इदलिब | सीरिया | सीरियाई सरकार बनाम विद्रोही समूह | गृह युद्ध क्षेत्र |
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
देश - हाल ही में समाचारों में रहने का महत्वपूर्ण कारण
- चाड – चीन द्वारा स्थायी सैन्य अड्डे की स्थापना।
- गिनी – सेना द्वारा संविधान और सरकार का निलंबन
- लेबनान – गंभीर और लंबे समय तक आर्थिक मंदी
- ट्यूनीशिया – राष्ट्रपति द्वारा संसद का निलंबन
ऊपर दिए गए कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल तीन युग्म
यह प्रश्न हाल के अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों के ज्ञान का परीक्षण करता है। चार युग्मों में से तीन सही सुमेलित हैं जबकि चाड के बारे में पहला युग्म गलत है क्योंकि चीन ने वहां कोई स्थायी सैन्य अड्डा स्थापित नहीं किया है।
✅ युग्म 1 – गलत: चीन ने चाड में कोई स्थायी सैन्य अड्डा स्थापित नहीं किया है। चीन का एकमात्र विदेशी सैन्य अड्डा जिबूती में है।
✅ युग्म 2 – सही: गिनी में सितंबर 2021 में सैन्य तख्तापलट हुआ जिसमें विशेष बलों ने राष्ट्रपति अल्फा कोंडे को बंदी बना लिया और संविधान को निलंबित कर सरकार को भंग कर दिया।
✅ युग्म 3 – सही: लेबनान 2019 से गंभीर और लंबी आर्थिक मंदी का सामना कर रहा है, जो राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और सुधारों की कमी के कारण है, जिससे लगभग 74% आबादी प्रभावित है।
✅ युग्म 4 – सही: ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति कैस सैयद ने जुलाई 2021 में संसद को निलंबित किया और बाद में मार्च 2022 में इसे भंग कर दिया जब सांसदों ने ऑनलाइन सत्र आयोजित कर उनके फरमानों को निरस्त करने के लिए मतदान किया, जिसे उन्होंने असफल तख्तापलट का प्रयास बताया।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- वियतनाम हाल के वर्षों में विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक रहा है।
- वियतनाम में बहुदलीय राजनीतिक प्रणाली है।
- वियतनाम की आर्थिक वृद्धि वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं के साथ इसके एकीकरण और निर्यात पर ध्यान केंद्रित करने से जुड़ी है।
- लंबे समय से, वियतनाम की कम श्रम लागत और स्थिर विनिमय दरों ने वैश्विक निर्माताओं को आकर्षित किया है।
- वियतनाम में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का सबसे उत्पादक ई-सेवा क्षेत्र है।
उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — 1, 3 और 4
वियतनाम वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में अपने रणनीतिक एकीकरण और निर्यात-उन्मुख विकास मॉडल द्वारा संचालित, विश्व स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभरा है। देश के प्रतिस्पर्धी लाभों में कम श्रम लागत और स्थिर विनिमय दर शामिल हैं, जिन्होंने वैश्विक निर्माताओं से महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित किया है। हालाँकि, वियतनाम एकल-दलीय साम्यवादी राजनीतिक प्रणाली के तहत काम करता है, बहुदलीय लोकतंत्र नहीं, और इसका ई-सेवा क्षेत्र, हालांकि बढ़ रहा है, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सबसे उत्पादक नहीं है।
✅ कथन 1 – सही: वियतनाम हाल के वर्षों में विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक रहा है, 2020 महामारी के दौरान भी निरंतर GDP वृद्धि के साथ।
❌ कथन 2 – गलत: वियतनाम वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में एक एकल-दलीय साम्यवादी राज्य है, बहुदलीय राजनीतिक प्रणाली नहीं।
✅ कथन 3 – सही: वियतनाम की आर्थिक सफलता सीधे वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं के साथ इसके एकीकरण और निर्यात-आधारित विकास रणनीति से जुड़ी है।
✅ कथन 4 – सही: कम श्रम लागत और स्थिर विनिमय दरें वियतनाम में वैश्विक निर्माताओं को आकर्षित करने वाले प्रमुख कारक रहे हैं, विशेष रूप से जब अन्य पूर्वी एशियाई देशों में मजदूरी बढ़ी।
❌ कथन 5 – गलत: एशियाई विकास बैंक के अनुसार, डिजिटल वित्तीय सेवाओं सहित ई-सेवाएं वियतनाम में प्रारंभिक अवस्था में हैं, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सबसे उत्पादक नहीं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: वियतनाम का आर्थिक विकास मॉडल
- राजनीतिक प्रणाली: 1976 में पुनर्एकीकरण के बाद से वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा शासित एकल-दलीय समाजवादी गणराज्य।
- आर्थिक सुधार: 1986 में शुरू की गई डोई मोई (नवीकरण) नीति ने वियतनाम को केंद्रीय रूप से नियोजित से समाजवादी-उन्मुख बाजार अर्थव्यवस्था में बदल दिया।
- विकास चालक: निर्यात-उन्मुख विनिर्माण, एफडीआई आकर्षण, वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में एकीकरण, और CPTPP और RCEP जैसे व्यापार समझौतों में सदस्यता।
- विनिर्माण केंद्र: कम श्रम लागत, राजनीतिक स्थिरता और रणनीतिक स्थान के कारण वैश्विक निर्माताओं के लिए चीन के विकल्प के रूप में उभरा।
- व्यापार संबंध: प्रमुख व्यापारिक भागीदारों में चीन, अमेरिका, यूरोपीय संघ, आसियान सदस्य शामिल हैं; अमेरिका-चीन व्यापार तनाव का महत्वपूर्ण लाभार्थी।
- डिजिटल अर्थव्यवस्था: दक्षिण पूर्व एशिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली इंटरनेट अर्थव्यवस्था होने का अनुमान है, हालांकि ई-सेवा क्षेत्र अभी भी सिंगापुर जैसे क्षेत्रीय नेताओं की तुलना में विकासशील है।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सेनकाकू द्वीपों से संबंधित मुद्दे को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है, जिनका समाचारों में कभी-कभी उल्लेख होता है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — चीन और जापान पूर्वी चीन सागर में इन द्वीपों पर समुद्री विवादों में संलग्न हैं
सेनकाकू द्वीप (चीन में दियाओयू कहा जाता है) पूर्वी चीन सागर में निर्जन द्वीपों का एक समूह है जो जापान और चीन के बीच क्षेत्रीय विवाद के केंद्र में है। जापान 1972 से इन द्वीपों का प्रशासन कर रहा है, लेकिन चीन भी उन पर संप्रभुता का दावा करता है, जिससे दोनों देशों के बीच निरंतर समुद्री तनाव है।
❌ विकल्प 1 – गलत: सेनकाकू द्वीप पूर्वी चीन सागर में प्राकृतिक द्वीप हैं, न कि दक्षिण चीन सागर में कृत्रिम द्वीप।
✅ विकल्प 2 – सही: यह पूर्वी चीन सागर में इन द्वीपों पर जापान-चीन क्षेत्रीय विवाद का सटीक वर्णन करता है।
❌ विकल्प 3 – गलत: सेनकाकू द्वीपों पर कोई स्थायी अमेरिकी सैन्य अड्डा नहीं है; वे निर्जन हैं।
❌ विकल्प 4 – गलत: अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने उन्हें निर्जन भूमि घोषित नहीं किया है, और दक्षिण पूर्व एशियाई देश इन द्वीपों के दावेदार नहीं हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: सेनकाकू/दियाओयू द्वीप विवाद
- स्थान: पूर्वी चीन सागर, ताइवान के लगभग 120 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में
- जापानी नाम: सेनकाकू द्वीप; चीनी नाम: दियाओयू द्वीप
- स्थिति: लगभग 7 वर्ग किमी में फैले 8 निर्जन द्वीपों और चट्टानों का समूह
- वर्तमान प्रशासन: जापान (1972 से, अमेरिकी नियंत्रण से वापसी के बाद)
- विवाद में पक्ष: जापान, चीन और ताइवान सभी संप्रभुता का दावा करते हैं
- रणनीतिक महत्व: महत्वपूर्ण शिपिंग मार्गों, समृद्ध मछली पकड़ने के क्षेत्रों और संभावित तेल और गैस भंडार के निकट स्थित
- हालिया तनाव: 2012 में जापान द्वारा तीन द्वीपों के राष्ट्रीयकरण के बाद से द्वीपों के आसपास के जल क्षेत्र में चीनी तटरक्षक जहाजों की बार-बार घुसपैठ बढ़ी है
हाल ही में, निम्नलिखित में से किन देशों में लाखों लोग या तो गंभीर अकाल/तीव्र कुपोषण से पीड़ित हुए हैं या युद्ध/जातीय संघर्षों के कारण भुखमरी से मर गए हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — यमन और दक्षिण सूडान
यमन और दक्षिण सूडान ने लंबे समय तक चले सशस्त्र संघर्षों के कारण गंभीर मानवीय संकट का अनुभव किया है, जिसमें लाखों लोग तीव्र कुपोषण और भुखमरी से पीड़ित हुए हैं। यमन में, 2014 में शुरू हुआ गृहयुद्ध और हौथी विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के हस्तक्षेप ने एक विनाशकारी मानवीय स्थिति पैदा की, जिसमें नाकाबंदी ने खाद्य और चिकित्सा आपूर्ति को प्रतिबंधित कर व्यापक अकाल की स्थिति पैदा की। दक्षिण सूडान में, 2013 में सरकार और विपक्षी बलों के बीच भड़का गृहयुद्ध ने लाखों लोगों को विस्थापित किया, कृषि को बाधित किया, और फरवरी 2017 में संयुक्त राष्ट्र ने देश के कुछ हिस्सों में अकाल की घोषणा की, जो छह वर्षों में कहीं भी घोषित पहला अकाल था।
अन्य विकल्प प्रश्न में वर्णित गंभीरता और हालिया स्थिति से मेल नहीं खाते। अंगोला और जाम्बिया ने हाल ही में ऐसे संकटों का सामना नहीं किया है; मोरक्को और ट्यूनीशिया अपेक्षाकृत स्थिर रहे हैं; वेनेजुएला ने आर्थिक पतन और खाद्य की कमी का सामना किया है, लेकिन कोलंबिया ने इसी तरह की युद्ध-प्रेरित अकाल की स्थिति का अनुभव नहीं किया है।
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
| समाचारों में कभी-कभी उल्लिखित क्षेत्र | देश |
|---|---|
| 1. कैटेलोनिया | स्पेन |
| 2. क्रीमिया | हंगरी |
| 3. मिंडानाओ | फिलीपींस |
| 4. ओरोमिया | नाइजीरिया |
उपर्युक्त में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 1 और 3
यह प्रश्न अंतर्राष्ट्रीय समाचारों में अक्सर आने वाले क्षेत्रों के भौगोलिक ज्ञान का परीक्षण करता है। केवल युग्म 1 और 3 सही सुमेलित हैं, जबकि क्रीमिया यूक्रेन से संबंधित है (हंगरी से नहीं) और ओरोमिया इथियोपिया से संबंधित है (नाइजीरिया से नहीं)।
✅ युग्म 1 – सही: कैटेलोनिया उत्तर-पूर्वी स्पेन में एक स्वायत्त समुदाय है, जो अपने स्वतंत्रता आंदोलन और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है।
❌ युग्म 2 – गलत: क्रीमिया काला सागर तट पर स्थित एक प्रायद्वीप है, जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यूक्रेन के हिस्से के रूप में मान्यता प्राप्त है (2014 में रूस द्वारा विलय किया गया), हंगरी से नहीं।
✅ युग्म 3 – सही: मिंडानाओ फिलीपींस का दूसरा सबसे बड़ा द्वीप है, जो बांग्सामोरो शांति प्रक्रिया और सुरक्षा मुद्दों के कारण अक्सर समाचारों में रहता है।
❌ युग्म 4 – गलत: ओरोमिया इथियोपिया का सबसे बड़ा क्षेत्रीय राज्य है (ओरोमो लोगों का घर), नाइजीरिया का नहीं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: अंतर्राष्ट्रीय समाचारों में क्षेत्र
| क्षेत्र | देश | प्रमुख तथ्य |
|---|---|---|
| कैटेलोनिया | स्पेन | स्वायत्त समुदाय; 2017 में स्वतंत्रता जनमत संग्रह; विशिष्ट भाषा और संस्कृति |
| क्रीमिया | यूक्रेन (विवादित) | 2014 में रूस द्वारा विलय; रणनीतिक काला सागर प्रायद्वीप; अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध |
| मिंडानाओ | फिलीपींस | दूसरा सबसे बड़ा द्वीप; मुस्लिम-बहुल क्षेत्र; बांग्सामोरो स्वायत्त क्षेत्र; शांति प्रक्रिया |
| ओरोमिया | इथियोपिया | सबसे बड़ा क्षेत्रीय राज्य; ओरोमो जातीय समूह का घर (इथियोपिया में सबसे बड़ा); अदीस अबाबा इसके भीतर स्थित |
| अन्य उल्लेखनीय क्षेत्र | ||
| शिनजियांग | चीन | उइगर स्वायत्त क्षेत्र; मानवाधिकार चिंताएं |
| कश्मीर | भारत (विवादित) | विवादित क्षेत्र; अनुच्छेद 370 निरसन (2019) |
| कुर्दिस्तान | इराक/सीरिया/तुर्की/ईरान | कुर्द स्वायत्त क्षेत्र; स्वतंत्रता की आकांक्षाएं |
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
| शहर | कभी-कभी समाचारों में उल्लिखित देश |
|---|---|
| 1. अलेप्पो | सीरिया |
| 2. किर्कुक | यमन |
| 3. मोसुल | फिलिस्तीन |
| 4. मजार-ए-शरीफ | अफगानिस्तान |
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — 1 और 4
यह प्रश्न उन शहरों के भौगोलिक स्थानों के ज्ञान का परीक्षण करता है जो संघर्षों और भू-राजनीतिक विकास के कारण समाचारों में रहे हैं। दिए गए युग्मों में से केवल अलेप्पो (सीरिया) और मजार-ए-शरीफ (अफगानिस्तान) ही अपने संबंधित देशों के साथ सही ढंग से सुमेलित हैं।
✅ युग्म 1 – सही: अलेप्पो वास्तव में सीरिया का एक प्रमुख शहर है, जो सीरियाई गृहयुद्ध के कारण व्यापक रूप से समाचारों में रहा है।
❌ युग्म 2 – गलत: किर्कुक इराक में स्थित है (यमन में नहीं); यह उत्तरी इराक में एक महत्वपूर्ण तेल-समृद्ध शहर है।
❌ युग्म 3 – गलत: मोसुल इराक में स्थित है (फिलिस्तीन में नहीं); यह आईएसआईएस गढ़ के रूप में अपनी मुक्ति तक समाचारों में प्रमुखता से रहा।
✅ युग्म 4 – सही: मजार-ए-शरीफ उज्बेकिस्तान सीमा के निकट उत्तरी अफगानिस्तान का एक प्रमुख शहर है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: पश्चिम एशिया और अफगानिस्तान में संघर्ष क्षेत्र
| शहर | देश | महत्व |
|---|---|---|
| अलेप्पो | सीरिया | सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान तबाह हुआ प्रमुख शहर; ऐतिहासिक सांस्कृतिक केंद्र |
| किर्कुक | इराक | उत्तरी इराक में तेल-समृद्ध शहर; कुर्दिश दावों के साथ विवादित क्षेत्र |
| मोसुल | इराक | इराक का दूसरा सबसे बड़ा शहर; पूर्व आईएसआईएस गढ़ (2014-2017) |
| मजार-ए-शरीफ | अफगानिस्तान | चौथा सबसे बड़ा शहर; उत्तरी अफगानिस्तान में महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र |
| सना | यमन | यमन की राजधानी; यमन गृहयुद्ध का केंद्र |
समाचारों में कभी-कभी उल्लिखित समुदाय: किसके मामलों में
- कुर्द: बांग्लादेश
- मधेसी: नेपाल
- रोहिंग्या: म्यांमार
ऊपर दिए गए युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — 2 और 3
❌ युग्म 1 – कुर्द: बांग्लादेश – गलत: कुर्द एक विशिष्ट जातीय समूह है जो मुख्य रूप से तुर्की, इराक, ईरान और सीरिया के क्षेत्रों में निवास करता है। बांग्लादेश में इनकी कोई महत्वपूर्ण उपस्थिति नहीं है और ये बांग्लादेश के मामलों से जुड़े नहीं हैं।
✅ युग्म 2 – मधेसी: नेपाल – सही: मधेसी दक्षिणी नेपाल के तराई के मैदानों में रहने वाले इंडो-आर्यन समुदाय हैं। ये राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे हैं और अक्सर नेपाल की शासन व्यवस्था में अधिक प्रतिनिधित्व और अधिकारों की मांग करते रहे हैं।
✅ युग्म 3 – रोहिंग्या: म्यांमार – सही: रोहिंग्या म्यांमार के रखाइन राज्य में एक उत्पीड़ित मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय है। गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन और बांग्लादेश में जबरन विस्थापन के कारण ये अंतरराष्ट्रीय समाचारों में रहे हैं।
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