भारत में, "पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर" (Public Key Infrastructure) शब्द का प्रयोग किस संदर्भ में किया जाता है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — डिजिटल सुरक्षा अवसंरचना
पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (PKI) भारत में विशेष रूप से डिजिटल सुरक्षा अवसंरचना के लिए उपयोग किया जाने वाला एक व्यापक ढांचा है। यह डिजिटल प्रमाणपत्रों, प्रमाणपत्र प्राधिकरणों और क्रिप्टोग्राफिक कुंजी जोड़ों (सार्वजनिक और निजी कुंजी) के माध्यम से सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक संचार और लेनदेन को सक्षम बनाता है, जो डिजिटल डेटा के प्रमाणीकरण, गोपनीयता, अखंडता और अस्वीकरण-रोधी सुनिश्चित करता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (PKI)
- परिभाषा: PKI भूमिकाओं, नीतियों, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और प्रक्रियाओं का एक समूह है जो डिजिटल प्रमाणपत्रों को बनाने, प्रबंधित करने, वितरित करने, उपयोग करने, संग्रहीत करने और रद्द करने तथा सार्वजनिक-कुंजी एन्क्रिप्शन को प्रबंधित करने के लिए आवश्यक है।
- घटक: इसमें प्रमाणपत्र प्राधिकरण (CA), पंजीकरण प्राधिकरण (RA), डिजिटल प्रमाणपत्र, प्रमाणपत्र भंडार और प्रमाणपत्र निरसन सूची (CRL) शामिल हैं।
- कार्य: यह कुंजियों की एक जोड़ी के साथ असममित क्रिप्टोग्राफी का उपयोग करता है - सार्वजनिक कुंजी (खुले तौर पर साझा) और निजी कुंजी (गुप्त रखी गई) एन्क्रिप्शन और डिजिटल हस्ताक्षर के लिए।
- भारत में अनुप्रयोग: ई-गवर्नेंस पहलों, डिजिटल हस्ताक्षर, सुरक्षित ईमेल, ऑनलाइन बैंकिंग, ई-कॉमर्स और आधार-आधारित प्रमाणीकरण में उपयोग किया जाता है।
- प्रमाणन प्राधिकरणों का नियंत्रक (CCA): IT अधिनियम 2000 के तहत, CCA भारत में प्रमाणन प्राधिकरणों को लाइसेंस देने और विनियमित करने वाला प्राधिकरण है।
- लाभ: डिजिटल संचार और लेनदेन में डेटा गोपनीयता, अखंडता, प्रमाणीकरण और अस्वीकरण-रोधी सुनिश्चित करता है।
Question 1 of 2 साइबर सुरक्षा ढाँचा
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