ग्राफीन हाल ही में अक्सर समाचारों में रहता है। इसका महत्व क्या है?
- यह एक द्वि-आयामी पदार्थ है और इसमें अच्छी विद्युत चालकता है
- यह अब तक परीक्षण की गई सबसे पतली लेकिन मजबूत सामग्रियों में से एक है
- यह पूरी तरह से सिलिकॉन से बना है और इसमें उच्च प्रकाशीय पारदर्शिता है
- इसे टच स्क्रीन, एलसीडी और ऑर्गेनिक एलईडी के लिए आवश्यक 'संवाहक इलेक्ट्रोड' के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: ग्राफीन एक द्वि-आयामी पदार्थ है जो षट्कोणीय जाली में व्यवस्थित कार्बन परमाणुओं की एकल परत से बना है, और इसकी संरचना में इलेक्ट्रॉनों की गतिशीलता के कारण यह उत्कृष्ट विद्युत चालकता प्रदर्शित करता है।
✅ कथन 2 – सही: ग्राफीन सबसे पतली सामग्रियों में से एक है (केवल एक परमाणु मोटा) फिर भी इसमें असाधारण तन्य शक्ति है — लगभग स्टील से 200 गुना मजबूत — जो इसे परीक्षण की गई सबसे मजबूत सामग्रियों में से एक बनाता है।
❌ कथन 3 – गलत: ग्राफीन पूरी तरह से कार्बन परमाणुओं से बना है, सिलिकॉन से नहीं। हालांकि, इसमें उच्च प्रकाशीय पारदर्शिता है (दृश्य प्रकाश का केवल ~2.3% अवशोषित करता है)।
✅ कथन 4 – सही: विद्युत चालकता, प्रकाशीय पारदर्शिता और लचीलेपन के संयोजन के कारण, ग्राफीन टच स्क्रीन, एलसीडी और ऑर्गेनिक एलईडी में संवाहक इलेक्ट्रोड के रूप में उपयोग के लिए अत्यधिक उपयुक्त है।
Question 1 of 1 नैनो पदार्थ
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