UPSC CSE Prelims
उत्पादन के कारक Previous Year Questions (PYQs)
Practice solved questions for उत्पादन के कारक with detailed step-by-step solutions, key insights, and trend analysis for UPSC CSE PRELIMS.
Solved Previous Year Questions
Filter & practice questions topic-wise
भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रकों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
| आर्थिक गतिविधि | क्षेत्रक |
|---|---|
| 1. कृषि उत्पाद का भंडारण | द्वितीयक |
| 2. डेयरी फार्म | प्राथमिक |
| 3. खनिज अन्वेषण | तृतीयक |
| 4. कपड़ा बुनना | द्वितीयक |
उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल दो
यह प्रश्न आर्थिक गतिविधियों को प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रकों में वर्गीकृत करने की समझ का परीक्षण करता है। दिए गए चार युग्मों में से केवल दो सही सुमेलित हैं (डेयरी फार्म - प्राथमिक और कपड़ा बुनना - द्वितीयक)।
❌ युग्म 1 – गलत: कृषि उत्पाद का भंडारण एक तृतीयक गतिविधि (सेवा क्षेत्र) है, द्वितीयक नहीं। इसमें संरक्षण और भंडारण सेवाएं शामिल हैं।
✅ युग्म 2 – सही: डेयरी फार्म एक प्राथमिक गतिविधि है क्योंकि इसमें प्राकृतिक संसाधनों (पशुओं से दूध) का प्रत्यक्ष निष्कर्षण शामिल है।
❌ युग्म 3 – गलत: खनिज अन्वेषण एक प्राथमिक गतिविधि है, तृतीयक नहीं। इसमें पृथ्वी से कच्चे माल का निष्कर्षण शामिल है।
✅ युग्म 4 – सही: कपड़ा बुनना एक द्वितीयक गतिविधि है क्योंकि इसमें कच्चे माल (कपास, रेशम) को तैयार उत्पादों में परिवर्तित करना और विनिर्माण शामिल है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: आर्थिक क्षेत्रकों का वर्गीकरण
| क्षेत्रक | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| प्राथमिक क्षेत्रक | प्राकृतिक संसाधनों से कच्चे माल का निष्कर्षण और उत्पादन | कृषि, डेयरी फार्मिंग, मत्स्यपालन, वानिकी, खनन, उत्खनन, खनिज अन्वेषण |
| द्वितीयक क्षेत्रक | कच्चे माल का तैयार या अर्ध-तैयार वस्तुओं में विनिर्माण और प्रसंस्करण | कपड़ा बुनना, गन्ने से चीनी बनाना, इस्पात उत्पादन, निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण |
| तृतीयक क्षेत्रक | प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रकों का समर्थन करने वाली सेवाएं; कोई वस्तु उत्पादन नहीं | भंडारण, परिवहन, बैंकिंग, बीमा, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन |
- मुख्य अंतर: भंडारण और गोदाम हमेशा तृतीयक गतिविधियां होती हैं क्योंकि वे वस्तुओं के निष्कर्षण या निर्माण के बजाय सेवाएं प्रदान करती हैं।
- प्रसंस्करण बनाम निष्कर्षण: खनन और अन्वेषण प्राथमिक (निष्कर्षण) हैं, जबकि खनिजों का शोधन द्वितीयक (प्रसंस्करण) है।
- भारत की आर्थिक संरचना: ऐतिहासिक रूप से कृषि-प्रधान (प्राथमिक), अब सेवाएं (तृतीयक) जीडीपी में सबसे अधिक योगदान करती हैं।
🧐 Not Sure What to Study Next?
Get a personalised study plan based on your goals, time and revision needs.
Related Topics in भारतीय अर्थव्यवस्था
Frequently Asked Questions
Common questions about उत्पादन के कारक in UPSC CSE PRELIMS