UPSC CSE Prelims
रक्षा एवं सामरिक मामले Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: रक्षा एवं सामरिक मामले
Topic Breakdown: Scroll →
सैन्य मामलों के विभाग के प्रमुख के रूप में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के क्या कर्तव्य हैं?
- चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के स्थायी अध्यक्ष
- तीनों सेवा प्रमुखों पर सैन्य कमान का प्रयोग करें
- सभी त्रि-सेवा मामलों पर रक्षा मंत्री के प्रधान सैन्य सलाहकार
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ D. 1 और 3 केवल
Chief of Defence Staff (CDS) Chiefs of Staff Committee के स्थायी अध्यक्ष होते हैं और रक्षा मंत्री के तीनों सेनाओं से जुड़े मामलों के प्रमुख सैन्य सलाहकार होते हैं। लेकिन CDS के पास सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुखों पर प्रत्यक्ष सैन्य कमान नहीं होती।
✅ कथन 1 सही है: CDS, Chiefs of Staff Committee के Permanent Chairman होते हैं।
❌ कथन 2 गलत है: CDS तीनों सेनाओं के प्रमुखों पर प्रत्यक्ष सैन्य या ऑपरेशनल कमान नहीं रखते।
✅ कथन 3 सही है: CDS, रक्षा मंत्री के प्रमुख सैन्य सलाहकार होते हैं और त्रि-सेवा मामलों पर सलाह देते हैं।
संक्षिप्त नोट्स: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS)
-
CDS का पद 2019 में बनाया गया।
-
CDS, Chiefs of Staff Committee (COSC) के स्थायी अध्यक्ष होते हैं।
-
CDS, रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत Department of Military Affairs (DMA) के प्रमुख होते हैं।
-
CDS का उद्देश्य तीनों सेनाओं में समन्वय और एकीकरण बढ़ाना है।
-
CDS, रक्षा मंत्री के Single-Point Military Adviser होते हैं।
-
CDS के पास तीनों सेनाओं के प्रमुखों पर प्रत्यक्ष कमान नहीं होती।
-
इस पद की सिफारिश कारगिल समीक्षा समिति सहित कई समितियों ने की थी।
निम्नलिखित देशों पर विचार कीजिए -
- चीन
- फ्रांस
- भारत
- इज़राइल
- पाकिस्तान
उपर्युक्त में से कौन से परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत मान्यता प्राप्त परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र हैं?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: चीन को NPT के तहत परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र (NWS) के रूप में मान्यता प्राप्त है, क्योंकि उसने 1 जनवरी, 1967 से पहले परमाणु हथियारों का परीक्षण किया था।
✅ कथन 2 – सही: फ्रांस को NPT के तहत परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र (NWS) के रूप में मान्यता प्राप्त है।
❌ कथन 3 – गलत: भारत ने कभी NPT पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और परमाणु हथियार होने के बावजूद संधि के तहत NWS के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है।
❌ कथन 4 – गलत: इज़राइल ने कभी NPT पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और संधि के तहत NWS के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है।
❌ कथन 5 – गलत: पाकिस्तान ने कभी NPT पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और संधि के तहत NWS के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है।
केवल पांच राष्ट्रों को NPT के तहत NWS के रूप में मान्यता प्राप्त है: अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन (संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के P5 सदस्य)।
🧐 Not Sure What to Study Next?
Get a personalised study plan based on your goals, time and revision needs.