निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन-I: सुमेद पाइपलाइन फारस की खाड़ी से यूरोप को तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए एक रणनीतिक मार्ग है।
कथन-II: सुमेद पाइपलाइन लाल सागर को भूमध्य सागर से जोड़ती है।
उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है
सुमेद पाइपलाइन वास्तव में फारस की खाड़ी से यूरोप को तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए एक रणनीतिक मार्ग है, जो बड़े जहाजों के लिए स्वेज नहर का एक महत्वपूर्ण विकल्प है। यह पाइपलाइन लाल सागर (ऐन सोखना टर्मिनल) को भूमध्य सागर (अलेक्जेंड्रिया के पास सिदी केरिर टर्मिनल) से जोड़ती है, जो यूरोप के लिए ऊर्जा आपूर्ति के रणनीतिक पारगमन मार्ग के रूप में कार्य करने की भौगोलिक विशेषता है।
✅ कथन-I (फारस की खाड़ी से यूरोप के लिए तेल का रणनीतिक मार्ग) – सही: सुमेद पाइपलाइन स्वेज नहर के एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में कार्य करती है, विशेष रूप से अल्ट्रा लार्ज क्रूड कैरियर्स (ULCCs) के लिए जो पूर्ण भार के साथ नहर से नहीं गुजर सकते, जिससे यूरोप की ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है।
✅ कथन-II (लाल सागर को भूमध्य सागर से जोड़ती है) – सही: यह पाइपलाइन स्वेज की खाड़ी (लाल सागर) पर ऐन सोखना टर्मिनल से अलेक्जेंड्रिया (भूमध्य सागर) के पास सिदी केरिर टर्मिनल तक चलती है, जो इन दोनों जल निकायों को भौतिक रूप से जोड़ती है।
कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है: लाल सागर और भूमध्य सागर के बीच भौगोलिक संबंध ही वह कारक है जो इस पाइपलाइन को फारस की खाड़ी के तेल को यूरोप तक पहुंचाने के लिए रणनीतिक रूप से मूल्यवान बनाता है, क्योंकि यह स्वेज नहर मार्ग को बायपास करती है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: सुमेद पाइपलाइन और रणनीतिक समुद्री मार्ग
- सुमेद पाइपलाइन (स्वेज-भूमध्यसागरीय पाइपलाइन): 1977 में निर्मित, यह 320 किमी लंबी पाइपलाइन है जिसकी क्षमता लगभग 2.34 मिलियन बैरल प्रति दिन है, जो स्वेज नहर के समानांतर चलती है।
- रणनीतिक महत्व: जब स्वेज नहर भीड़भाड़ वाली हो, बंद हो, या जब जहाज नहर से गुजरने के लिए बहुत बड़े हों (गहराई प्रतिबंध) तो तेल परिवहन के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करती है।
- मार्ग विवरण: लाल सागर तट पर ऐन सोखना से भूमध्य सागर तट पर अलेक्जेंड्रिया के पास सिदी केरिर टर्मिनल तक जोड़ती है, जिसमें 42 इंच व्यास की दो समानांतर पाइपलाइनें हैं।
- संचालन: फारस की खाड़ी के टैंकरों से कच्चे तेल को लाल सागर टर्मिनल पर उतारा जाता है, पाइपलाइन के माध्यम से पंप किया जाता है, और यूरोपीय बाजारों के लिए भूमध्यसागरीय टर्मिनल पर टैंकरों में फिर से लोड किया जाता है।
- स्वामित्व: मिस्र की जनरल पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (EGPC), सऊदी अरामको, अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC), और कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन द्वारा संयुक्त स्वामित्व।
- स्वेज नहर से तुलना: जबकि स्वेज नहर बड़ी मात्रा और विविध कार्गो को संभालती है, सुमेद पाइपलाइन विशेष रूप से कच्चे तेल को संभालती है और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बैकअप बुनियादी ढांचे के रूप में कार्य करती है।
- वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा: हॉर्मुज जलडमरूमध्य, मलक्का जलडमरूमध्य, और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य जैसे अन्य रणनीतिक चोकपॉइंट्स के साथ महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा बुनियादी ढांचे का हिस्सा है।
Question 1 of 1 मानचित्र एवं स्थान आधारित प्रश्न
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