बहुपक्षीय सहयोग के लिए प्लेटफार्मों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- 'कोलंबो प्रक्रिया' एक क्षेत्रीय परामर्श प्रक्रिया है जिसमें सदस्य देश सर्वसम्मति से बाध्यकारी निर्णय लेते हैं।
- 'अबू धाबी डायलॉग' संविदात्मक श्रम गतिशीलता पर क्षेत्रीय सहयोग की सुविधा के लिए श्रमिक मूल और गंतव्य के एशियाई देशों के बीच एक स्वैच्छिक गैर-बाध्यकारी परामर्श प्रक्रिया है।
- पूर्व संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रस्ताव पर बनाया गया 'ग्लोबल फोरम फॉर माइग्रेशन एंड डेवलपमेंट' एक स्वैच्छिक मंच है जिसके निर्णय प्रकृति में गैर-बाध्यकारी हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
कथन 1 — गलत। कोलंबो प्रक्रिया एक क्षेत्रीय परामर्श प्रक्रिया है जिसमें 12 एशियाई सदस्य राज्य (मुख्यतः श्रम-उत्पत्ति देश) शामिल हैं। यह एक स्वैच्छिक मंच है जहाँ निर्णय आम सहमति से लिए जाते हैं — लेकिन ये सख्ती से गैर-बाध्यकारी हैं, न कि बाध्यकारी।
कथन 2 — सही। अबू धाबी डायलॉग (ADD) एक स्वैच्छिक, गैर-बाध्यकारी अंतर-सरकारी परामर्श प्रक्रिया (स्थापना 2008) है जो एशियाई श्रम उत्पत्ति और गंतव्य देशों को अस्थायी संविदात्मक श्रम गतिशीलता पर क्षेत्रीय सहयोग के लिए एकत्र करती है।
कथन 3 — सही। वैश्विक प्रवासन और विकास मंच (GFMD) पूर्व UN महासचिव कोफी अन्नान के प्रस्ताव पर 2006 UN महासभा उच्च-स्तरीय संवाद के बाद स्थापित किया गया। यह:
- राज्य-नेतृत्व वाला, स्वैच्छिक, अनौपचारिक है
- प्रकृति में गैर-बाध्यकारी है
- औपचारिक UN प्रणाली के बाहर संचालित होता है
मुख्य ट्रिक: कथन 1 में "गैर-बाध्यकारी" को "बाध्यकारी" से बदल दिया गया है — एक शब्द का罗 जाल जो कोलंबो प्रक्रिया की प्रकृति को पूरी तरह उलट देता है।
Question 1 of 3 प्रवास एवं शरणार्थी
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निम्नलिखित में से कौन सा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन भारत द्वारा अनुसमर्थित नहीं किया गया...