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कंप्यूटर एवं डिजिटल प्रणाली Previous Year Questions (PYQs)
Practice solved questions for कंप्यूटर एवं डिजिटल प्रणाली with detailed step-by-step solutions, key insights, and trend analysis for UPSC CSE PRELIMS.
Solved Previous Year Questions
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पहचान मंच 'आधार' खुले "एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (APIs)" प्रदान करता है। इसका क्या अर्थ है?
- इसे किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण में एकीकृत किया जा सकता है।
- आईरिस का उपयोग करके ऑनलाइन प्रमाणीकरण संभव है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — 1 और 2 दोनों
आधार के लिए खुले एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (APIs) की उपलब्धता डेवलपर्स और संगठनों को विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अनुप्रयोगों में आधार-आधारित प्रमाणीकरण और सत्यापन सेवाओं को एकीकृत करने में सक्षम बनाती है। यह वास्तुकला डिजाइन प्लेटफार्मों में निर्बाध एकीकरण की अनुमति देता है और बायोमेट्रिक सत्यापन सहित कई प्रमाणीकरण विधियों का समर्थन करता है।
✅ कथन 1 – सही: खुले APIs आधार को किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे स्मार्टफोन, टैबलेट, प्वाइंट ऑफ सेल (PoS) टर्मिनलों और अन्य डिजिटल प्लेटफार्मों में एकीकृत करने की अनुमति देते हैं, जिससे डेवलपर्स आधार-सक्षम अनुप्रयोग बना सकते हैं।
✅ कथन 2 – सही: आधार की बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण प्रणाली आईरिस स्कैन (फिंगरप्रिंट्स और चेहरे की पहचान के साथ) का उपयोग करके ऑनलाइन प्रमाणीकरण का समर्थन करती है, जो उपलब्ध APIs के माध्यम से सुरक्षित पहचान सत्यापन को संभव बनाती है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: आधार और APIs
- आधार: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा बायोमेट्रिक और जनसांख्यिकीय डेटा के आधार पर सभी भारतीय निवासियों को जारी किया गया 12 अंकों का अद्वितीय पहचान नंबर।
- खुले APIs: एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस जो तीसरे पक्ष के डेवलपर्स को स्वामित्व की आवश्यकता के बिना अपने अनुप्रयोगों और उपकरणों में आधार सेवाओं को एकीकृत करने की अनुमति देते हैं।
- प्रमाणीकरण विधियाँ: आधार जनसांख्यिकीय (नाम, आयु, पता), वन-टाइम पासवर्ड (OTP), और बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट, आईरिस, चेहरे की पहचान) सहित कई प्रमाणीकरण मोड का समर्थन करता है।
- e-KYC सेवाएँ: आधार APIs बैंकिंग, टेलीकॉम और अन्य क्षेत्रों में तत्काल सत्यापन के लिए इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर (e-KYC) सेवाओं को सक्षम बनाते हैं।
- एकीकरण क्षमताएँ: APIs मोबाइल ऐप्स, वेब पोर्टल्स, ATMs, PoS उपकरणों और IoT-सक्षम उपकरणों सहित विविध प्लेटफार्मों में एकीकरण की सुविधा प्रदान करते हैं।
- सुरक्षा विशेषताएँ: सभी API लेनदेन एन्क्रिप्टेड हैं और उपयोगकर्ता गोपनीयता की रक्षा और अनधिकृत पहुँच को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हैं।
फिंगरप्रिंट स्कैनिंग के अलावा, निम्नलिखित में से किसका उपयोग किसी व्यक्ति की बायोमेट्रिक पहचान में किया जा सकता है?
- आइरिस स्कैनिंग
- रेटिनल स्कैनिंग
- वॉयस रिकग्निशन
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: आइरिस स्कैनिंग पुतली के चारों ओर रंगीन वलय में अद्वितीय पैटर्न को पकड़ती है, जो जीवन भर स्थिर रहते हैं और प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यधिक विशिष्ट होते हैं।
✅ कथन 2 – सही: रेटिनल स्कैनिंग आंख के पिछले हिस्से में रक्त वाहिकाओं के अद्वितीय पैटर्न को मैप करती है, जो सबसे सटीक बायोमेट्रिक पहचान विधियों में से एक प्रदान करती है।
✅ कथन 3 – सही: वॉयस रिकग्निशन पहचान के लिए पिच, स्वर, लय और स्वर तंत्र की भौतिक विशेषताओं सहित अद्वितीय स्वर विशेषताओं का विश्लेषण करता है।
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