बॉलगार्ड I और बॉलगार्ड II प्रौद्योगिकियों का उल्लेख किस संदर्भ में किया जाता है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — आनुवंशिक रूप से संशोधित फसल पौधों का विकास करना।
बॉलगार्ड I और बॉलगार्ड II जैव प्रौद्योगिकी उत्पाद हैं जो कीट प्रतिरोधी आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) कपास पौधों के निर्माण के लिए विकसित किए गए हैं। ये प्रौद्योगिकियां बैसिलस थुरिंजिएन्सिस (Bt) बैक्टीरिया से जीन का उपयोग करती हैं जो कीटनाशक प्रोटीन उत्पन्न करते हैं जो कपास के पौधों को बॉलवर्म और अन्य लेपिडोप्टेरन कीटों से बचाते हैं, जिससे रासायनिक कीटनाशकों की आवश्यकता कम हो जाती है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: Bt कपास प्रौद्योगिकियां
| विशेषता | बॉलगार्ड I | बॉलगार्ड II |
|---|---|---|
| शुरुआत का वर्ष | 2002 (भारत की पहली अनुमोदित GM फसल) | 2006 |
| उपयोग किए गए Bt जीन | एकल जीन (Cry1Ac) | दो जीन (Cry1Ac और Cry2Ab) |
| लक्षित कीट | मुख्य रूप से अमेरिकन बॉलवर्म (हेलिकोवर्पा आर्मिजेरा) | व्यापक स्पेक्ट्रम: अमेरिकन बॉलवर्म, स्पोडोप्टेरा प्रजातियां, और अन्य लेपिडोप्टेरन कैटरपिलर |
| तंत्र | Bt जीन विशिष्ट कीटों के लिए विषाक्त कीटनाशक प्रोटीन उत्पन्न करता है | द्वि-जीन प्रौद्योगिकी बढ़ी हुई और व्यापक प्रतिरोधकता प्रदान करती है |
| लाभ | कीटनाशक उपयोग में कमी, उत्पादन में वृद्धि | बेहतर कीट प्रतिरोध, विलंबित प्रतिरोध विकास, उच्च प्रभावकारिता |
Question 1 of 4 जीएम फसलें एवं जैव सुरक्षा
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