UPSC CSE Prelims
3D प्रिंटिंग Previous Year Questions (PYQs)
Practice solved questions for 3D प्रिंटिंग with detailed step-by-step solutions, key insights, and trend analysis for UPSC CSE PRELIMS.
Solved Previous Year Questions
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"3D प्रिंटिंग" का निम्नलिखित में से किसमें अनुप्रयोग है?
- मिठाई की वस्तुओं की तैयारी
- बायोनिक कानों का निर्माण
- ऑटोमोटिव उद्योग
- पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा
- डेटा प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियाँ
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — 1, 2, 3, 4 और 5
3D प्रिंटिंग (एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग) ने डिजिटल फाइलों से जटिल त्रि-आयामी वस्तुओं के निर्माण को सक्षम बनाकर कई उद्योगों में क्रांति ला दी है। उल्लिखित सभी पाँच अनुप्रयोग—मिठाई की वस्तुएँ, बायोनिक कान, ऑटोमोटिव पार्ट्स, पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा प्रत्यारोपण, और डेटा प्रसंस्करण हार्डवेयर के लिए विशेष घटक—3D प्रिंटिंग प्रौद्योगिकी के सुप्रलेखित उपयोग हैं।
✅ कथन 1 – सही: 3D प्रिंटिंग का उपयोग खाद्य उद्योग में सटीक डिज़ाइन के साथ चॉकलेट और कैंडी जैसी जटिल और अनुकूलित मिठाई की वस्तुओं को बनाने के लिए किया जाता है।
✅ कथन 2 – सही: शोधकर्ताओं ने श्रवण दोष वाले लोगों के लिए एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ बायोनिक कान बनाने के लिए 3D प्रिंटिंग का सफलतापूर्वक उपयोग किया है।
✅ कथन 3 – सही: ऑटोमोटिव उद्योग तीव्र प्रोटोटाइपिंग, कस्टम पार्ट्स निर्माण और वाहन घटकों के उत्पादन के लिए व्यापक रूप से 3D प्रिंटिंग का उपयोग करता है।
✅ कथन 4 – सही: 3D प्रिंटिंग का व्यापक रूप से पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा में रोगी-विशिष्ट प्रत्यारोपण, कृत्रिम अंग और व्यक्तिगत शरीर रचना के अनुरूप शल्य चिकित्सा मार्गदर्शिकाएँ बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
✅ कथन 5 – सही: 3D प्रिंटिंग का उपयोग डेटा प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों और कंप्यूटर सिस्टम के लिए विशेष घटकों और हार्डवेयर पार्ट्स के निर्माण के लिए किया जाता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: 3D प्रिंटिंग (एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग)
- परिभाषा: 3D प्रिंटिंग डिजिटल फाइल से परत-दर-परत सामग्री जोड़कर त्रि-आयामी ठोस वस्तुओं को बनाने की प्रक्रिया है, इसलिए इसे एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग कहा जाता है।
- बुनियादी प्रक्रिया: इसमें डिजिटल मॉडल बनाने के लिए कंप्यूटर-एडेड डिज़ाइन (CAD) सॉफ्टवेयर शामिल है, जिसे फिर पतली परतों में काटा जाता है और प्लास्टिक, धातु, सिरेमिक या यहां तक कि जैविक सामग्री जैसी विभिन्न सामग्रियों का उपयोग करके प्रिंट किया जाता है।
- चिकित्सा अनुप्रयोग: कस्टम कृत्रिम अंग, दंत प्रत्यारोपण, शल्य चिकित्सा उपकरण, शल्य चिकित्सा योजना के लिए शारीरिक मॉडल, बायो-प्रिंटेड ऊतक और अंग (प्रायोगिक चरण), और रोगी-विशिष्ट प्रत्यारोपण।
- औद्योगिक अनुप्रयोग: ऑटोमोटिव और एयरोस्पेस उद्योगों में तीव्र प्रोटोटाइपिंग, जटिल पार्ट्स का निर्माण, टूलिंग, और अंतिम-उपयोग घटकों का उत्पादन।
- उपभोक्ता अनुप्रयोग: अनुकूलित आभूषण, खिलौने, घरेलू वस्तुएँ, फैशन एक्सेसरीज़, और व्यक्तिगत उत्पाद।
- उभरते अनुप्रयोग: खाद्य प्रिंटिंग (चॉकलेट, पास्ता, पिज्जा), निर्माण (3D प्रिंटेड घर), बायोप्रिंटिंग (अंग और ऊतक), और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण।
- लाभ: डिज़ाइन लचीलापन, अपशिष्ट में कमी, अनुकूलन, तीव्र प्रोटोटाइपिंग, और पारंपरिक निर्माण से असंभव जटिल ज्यामिति बनाने की क्षमता।
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Frequently Asked Questions
Common questions about 3D प्रिंटिंग in UPSC CSE PRELIMS