निम्नलिखित में से कौन से वे विषय हैं जिन पर संवैधानिक संशोधन केवल आधे से कम राज्यों की विधायिकाओं के अनुसमर्थन से संभव नहीं है?
- राष्ट्रपति का निर्वाचन।
- संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व।
- सातवीं अनुसूची की कोई भी सूची।
- किसी राज्य की विधान परिषद का उन्मूलन।
सही उत्तर चुनें।
Detailed Explanation:
अनुच्छेद 368 उन विषयों को निर्दिष्ट करता है जिनमें संवैधानिक संशोधन के लिए आधे से कम राज्य विधानमंडलों द्वारा अनुसमर्थन आवश्यक है।
✅ कथन 1 – सही: राष्ट्रपति का निर्वाचन (अनुच्छेद 54, 55) संघीय ढांचे को प्रभावित करता है; परिवर्तनों के लिए राज्य अनुसमर्थन आवश्यक है।
✅ कथन 2 – सही: संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व (भाग V का अध्याय I) सीधे राज्यों के हितों को प्रभावित करता है; राज्य सहमति आवश्यक है।
✅ कथन 3 – सही: सातवीं अनुसूची की किसी भी सूची (संघ, राज्य, समवर्ती सूचियां) में परिवर्तन केंद्र-राज्य शक्ति वितरण को बदलते हैं; अनुसमर्थन आवश्यक है।
❌ कथन 4 – गलत: विधान परिषद का उन्मूलन (अनुच्छेद 169) के लिए केवल राज्य प्रस्ताव + साधारण संसदीय बहुमत आवश्यक है; राज्य अनुसमर्थन की आवश्यकता वाला संवैधानिक संशोधन नहीं है।
Question 1 of 1 संशोधनों के प्रकार
Practice PYQ questions from this topic across all years
First question in this topic
All questions in this topic completed!