BPSC CCE Prelims
अंतरिक्ष मिशन एवं उपग्रह Previous Year Questions (PYQs)
Practice solved questions for अंतरिक्ष मिशन एवं उपग्रह with detailed step-by-step solutions, key insights, and trend analysis for BPSC CCE PRELIMS.
Solved Previous Year Questions
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लूनर ट्रेलब्लेज़र मिशन का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
Detailed Explanation:
लूनर ट्रेलब्लेज़र एक NASA लघु उपग्रह मिशन है जो जनवरी 2024 में प्रक्षेपित किया गया था, जिसका उद्देश्य उच्च-रिज़ॉल्यूशन स्पेक्ट्रोमेट्री का उपयोग करके चंद्रमा की सतह पर पानी (H₂O) और हाइड्रॉक्सिल (OH) का पता लगाना और मानचित्रण करना है।
यह ऑर्बिटर हाई-रिज़ॉल्यूशन वोलाटाइल्स एंड मिनरल्स मून मैपर (HVM³) इमेजिंग स्पेक्ट्रोमीटर और लूनर थर्मल मैपर ले जाता है, जो पानी के वितरण पैटर्न, सतह के तापमान और भविष्य के आर्टेमिस मिशन के लिए संभावित संसाधन स्थलों की पहचान करता है।
ISRO द्वारा GSLV-F15 मिशन के बारे में क्या सत्य है?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: GSLV-F15 मिशन ने सफलतापूर्वक NVS-02 उपग्रह को ले जाया, जो दूसरी पीढ़ी का नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन (NavIC) उपग्रह है जो भारत की क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणाली को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
✅ कथन 2 – सही: यह मिशन सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC), श्रीहरिकोटा से ISRO का 101वां प्रक्षेपण था, जो भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
❌ कथन 3 – गलत: यह मिशन श्रीहरिकोटा से 101वां प्रक्षेपण था, 100वां नहीं।
चूंकि दो कथन (1 और 2) सही हैं, इसलिए उत्तर है "उपरोक्त में से एक से अधिक"।
आदित्य L-1 मिशन पर सूर्य के व्यवस्थित अध्ययन के लिए वैज्ञानिक पेलोड की संख्या है
Detailed Explanation:
आदित्य-L1, भारत का पहला सौर मिशन जिसे इसरो ने 2 सितंबर 2023 को लॉन्च किया, 7 वैज्ञानिक पेलोड ले जाता है जो लैग्रेंज पॉइंट L1 (पृथ्वी से लगभग 15 लाख किमी) पर स्थित हैं।
ये पेलोड सूर्य के फोटोस्फीयर, क्रोमोस्फीयर और कोरोना का कई तरंगदैर्घ्यों में अध्ययन करते हैं, जिसमें विद्युत चुम्बकीय, कण और चुंबकीय क्षेत्र डिटेक्टर शामिल हैं।
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं?
Detailed Explanation:
एस. सोमनाथ ने 14 जनवरी 2022 से ISRO के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला, जो के. सिवन के उत्तराधिकारी बने।
इससे पहले वे विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) के निदेशक थे और GSLV Mk III तथा चंद्रयान-3 मिशन के विकास का नेतृत्व किया।
नोट: डॉ. वी. नारायणन ने परीक्षा तिथि 4 जनवरी 2025 के बाद, 13 जनवरी 2025 को ISRO अध्यक्ष का पदभार संभाला।
जून 2024 में चंद्रमा के अंधेरे पक्ष से मिट्टी लाने वाला पहला देश कौन सा बना?
Detailed Explanation:
चीन के चांग'ए-6 मिशन ने 25 जून 2024 को चंद्रमा के दूर की ओर से लगभग 2 किलोग्राम चंद्र नमूने सफलतापूर्वक वापस लाए।
लैंडर साउथ पोल-आइटकेन बेसिन के भीतर अपोलो क्रेटर में उतरा, जिससे चीन चंद्रमा के दूर की ओर से मिट्टी प्राप्त करने वाला पहला देश बन गया।
चीन के तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन के हाल ही में लॉन्च किए गए अंतिम मॉड्यूल का नाम क्या है?
Detailed Explanation:
मेंगतियान (अर्थ 'स्वर्ग के सपने') चीन के तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन का अंतिम और तीसरा मॉड्यूल है, जिसे अक्टूबर 2022 में लॉन्च किया गया था।
अन्य दो मॉड्यूल हैं तियानहे (मुख्य मॉड्यूल, अप्रैल 2021 में लॉन्च) और वेनतियान (प्रयोगशाला मॉड्यूल, जुलाई 2022 में लॉन्च)। मेंगतियान सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण प्रयोगों के लिए उन्नत अनुसंधान सुविधाओं से सुसज्जित एक वैज्ञानिक प्रयोगशाला मॉड्यूल के रूप में कार्य करता है।
विश्व अंतरिक्ष सप्ताह, 2022 की थीम क्या थी?
Detailed Explanation:
विश्व अंतरिक्ष सप्ताह 2022 का आयोजन 4–10 अक्टूबर 2022 तक "अंतरिक्ष और सततता" थीम के साथ किया गया था।
इस थीम ने अंतरिक्ष में सततता प्राप्त करने और पृथ्वी पर सतत विकास के लिए अंतरिक्ष-आधारित प्रौद्योगिकियों के उपयोग के महत्व को उजागर किया, जिसमें अंतरिक्ष मलबे और दीर्घकालिक अंतरिक्ष अन्वेषण जैसे मुद्दों को संबोधित किया गया।
निम्नलिखित में से किस अंतरिक्ष एजेंसी ने घोषणा की कि उसने अपने EQUULEUS अंतरिक्ष यान को आगे बढ़ाने के लिए भाप का सफलतापूर्वक उपयोग किया है?
Detailed Explanation:
JAXA (जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी) ने अपने EQUULEUS (EQUilibriUm Lunar-Earth point 6U Spacecraft) मिशन पर जल प्रणोदन प्रौद्योगिकी का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया।
यह अंतरिक्ष यान गर्म पानी से बनी भाप को प्रणोदक के रूप में उपयोग करता है, जो छोटे उपग्रहों और क्यूबसैट्स के लिए एक अभिनव हरित प्रणोदन प्रणाली है, जो पारंपरिक रासायनिक ईंधन पर निर्भरता को कम करती है।
आर्कटिक की जलवायु की निगरानी के लिए अपना पहला उपग्रह 'आर्कटिका-एम' किस देश ने लॉन्च किया?
Detailed Explanation:
यह प्रश्न उस देश के बारे में पूछता है जिसने आर्कटिक जलवायु की निगरानी के लिए आर्कटिका-एम उपग्रह लॉन्च किया। यह अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और पर्यावरण निगरानी से संबंधित एक करेंट अफेयर्स प्रश्न है।
- चीन: हालांकि चीन का एक सक्रिय अंतरिक्ष कार्यक्रम और आर्कटिक में रुचि है, लेकिन इसने आर्कटिका-एम उपग्रह लॉन्च नहीं किया।
- रूस: फरवरी 2021 में, रूस ने बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से सोयुज-2.1बी रॉकेट द्वारा आर्कटिका-एम लॉन्च किया, जो आर्कटिक की जलवायु और पर्यावरण की निगरानी के लिए अत्यधिक दीर्घवृत्तीय कक्षा का उपयोग करता है और उत्तरी अक्षांशों की निरंतर निगरानी करता है।
- भारत: भारत के अंतरिक्ष मिशन विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित हैं; इसने आर्कटिक निगरानी उपग्रह लॉन्च नहीं किए हैं।
- जापान: जापान के पास पृथ्वी अवलोकन उपग्रह हैं लेकिन इसने आर्कटिका-एम लॉन्च नहीं किया।
- अतः, रूस ने आर्कटिक जलवायु की निगरानी के लिए आर्कटिका-एम उपग्रह लॉन्च किया, जिससे विकल्प 2 सही उत्तर है।
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