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भारत के संसाधन Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: भारत के संसाधन
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बिहार पूरे भारत के ______% पाइराइट का उत्पादन करता है?
Detailed Explanation:
बिहार भारत के कुल पाइराइट उत्पादन का लगभग 95% उत्पादन करता है।
प्रमुख भंडार रोहतास जिले के अमझोर क्षेत्र में स्थित हैं, जिसका संचालन बिहार राज्य खनिज विकास निगम द्वारा किया जाता है।
बिहार के किस जिले में सोना पाया जाता है?
Detailed Explanation:
बिहार के जमुई जिला में महत्वपूर्ण स्वर्ण भंडार हैं, जिनकी पहचान भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा सोनो, करमटिया और झझा में की गई है।
अनुमान बताते हैं कि भारत के कुल स्वर्ण भंडार का 44% से अधिक जमुई में स्थित हो सकता है, जो इसे दिए गए विकल्पों में बिहार का प्रमुख सोना-युक्त जिला बनाता है।
भारत के किस राज्य को खनिजों का राज्य कहा जाता है?
Detailed Explanation:
ओडिशा (पूर्व में उड़ीसा) को "खनिजों का राज्य" कहा जाता है क्योंकि यहाँ भारत में सबसे अधिक विविधता और मात्रा में खनिज भंडार हैं।
यह लौह अयस्क, क्रोमाइट और बॉक्साइट का शीर्ष उत्पादक है और भारत के 98% क्रोमाइट भंडार रखता है। प्रमुख खनन जिलों में केंदुझर, सुंदरगढ़ और मयूरभंज शामिल हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर इस्पात और एल्युमीनियम उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण कच्चा माल आपूर्ति करते हैं।
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निम्नलिखित में से कोरंडम और क्रायोलाइट किसके महत्वपूर्ण अयस्क हैं?
Detailed Explanation:
कोरंडम (Al₂O₃) और क्रायोलाइट (Na₃AlF₆) दोनों एल्युमिनियम के महत्वपूर्ण अयस्क हैं।
कोरंडम एल्युमिनियम ऑक्साइड है, जिसका उपयोग घर्षक के रूप में होता है और इसमें माणिक और नीलम जैसी रत्न किस्में शामिल हैं; क्रायोलाइट का उपयोग हॉल-हेरॉल्ट प्रक्रिया में गालक (flux) के रूप में एल्युमिनियम के विद्युत अपघटनी निष्कर्षण के दौरान गलनांक कम करने के लिए होता है।
भारत के निम्नलिखित में से किस राज्य में कोयले के प्रमुख भंडार हैं?
Detailed Explanation:
झारखंड में झरिया कोयला क्षेत्र (कोकिंग कोयले का सबसे बड़ा उत्पादक) और बोकारो कोयला क्षेत्र में प्रमुख भंडार हैं।
छत्तीसगढ़ में कोरबा और हसदेव-अरंड कोयला क्षेत्रों में व्यापक भंडार हैं, जो इसे प्रमुख कोयला उत्पादक राज्य बनाते हैं।
ओडिशा में तलचर और आईबी घाटी कोयला क्षेत्रों में विशाल भंडार हैं, तलचर भारत के सबसे बड़े कोयला भंडारों में से एक है।
ये तीनों राज्य मिलकर भारत के कुल कोयला भंडार का लगभग 70% हिस्सा रखते हैं।
बिहार में खनिज उत्पादन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- रोहतास में पाइराइट का सबसे अधिक भंडार है।
- चूना पत्थर कैमूर (भभुआ), मुंगेर (मोंगहिर) और रोहतास जिलों में पाया जाता है।
- जमुई जिले में सोने के भंडार पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: रोहतास जिले में बिहार में पाइराइट का सबसे अधिक भंडार है, जो मुख्य रूप से अमझोर और तिलौथू क्षेत्रों में पाया जाता है।
✅ कथन 2 – सही: चूना पत्थर के भंडार बिहार के कैमूर (भभुआ), मुंगेर (मोंगहिर), और रोहतास जिलों में व्यापक रूप से पाए जाते हैं।
✅ कथन 3 – सही: सोने के भंडार बिहार के जमुई जिले में करमटिया-हुट्टी बेल्ट में पाए जाते हैं।
चूंकि तीनों कथन (1, 2, और 3) सही हैं, इसलिए उत्तर विकल्प 4 (उपर्युक्त में से एक से अधिक) है।
भारत में निम्नलिखित में से कौन सी नदी घाटी कोयला भंडार में समृद्ध है?
Detailed Explanation:
✅ महानदी नदी घाटी – सही: ओडिशा और छत्तीसगढ़ में व्यापक कोयला भंडार, जिसमें तलचर और इब नदी कोयला क्षेत्र शामिल हैं।
✅ दामोदर नदी घाटी – सही: "भारत का रूर" के रूप में जाना जाता है, झारखंड और पश्चिम बंगाल में झरिया, रानीगंज और बोकारो जैसे प्रमुख कोयला क्षेत्र हैं।
✅ सोन नदी घाटी – सही: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण कोयला भंडार, जिसमें सोहागपुर और जोहिल्ला कोयला क्षेत्र शामिल हैं।
तीनों नदी घाटियाँ गोंडवाना कोयला भंडार में समृद्ध हैं, इसलिए "उपरोक्त में से एक से अधिक" सही उत्तर है।
पाइन, फर, स्प्रूस, सीडर, लार्च और साइप्रस प्रसिद्ध इमारती लकड़ी देने वाले पौधे हैं जिनमें से कई भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से पाए जाते हैं। ये सभी किससे संबंधित हैं?
Detailed Explanation:
पाइन, फर, स्प्रूस, सीडर, लार्च और साइप्रस सभी कोनिफर हैं, जो अनावृतबीजी (gymnosperms) से संबंधित हैं—ऐसे बीज पौधे जिनके नग्न बीज शंकुओं (cones) पर होते हैं, न कि अंडाशय में बंद।
आवृतबीजी पुष्पीय पौधे हैं जिनके बीज फलों में होते हैं; एकबीजपत्री और द्विबीजपत्री आवृतबीजी के उपविभाग हैं। इन इमारती वृक्षों में फूल नहीं होते और बीज शंकु शल्कों पर खुले रहते हैं।
अतः, सभी सूचीबद्ध इमारती लकड़ी देने वाले पौधे अनावृतबीजी से संबंधित हैं, विकल्प 1 सही उत्तर है।
एल्युमिनियम का सबसे महत्वपूर्ण अयस्क
Detailed Explanation:
बॉक्साइट एल्युमिनियम का प्राथमिक अयस्क है, जिसमें 30–60% एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al₂O₃) होता है। यह लाल-भूरे रंग की अवसादी चट्टान है जो उष्णकटिबंधीय अपक्षय से बनती है।
कैलामाइन जिंक कार्बोनेट अयस्क है, कैल्साइट कैल्शियम कार्बोनेट (चूना पत्थर) है, और गैलेना लेड सल्फाइड है—इनमें से किसी में भी एल्युमिनियम नहीं होता।
अतः, बॉक्साइट एकमात्र एल्युमिनियम अयस्क होने के कारण, विकल्प 1 सही उत्तर है।
इल्मेनाइट, जो भारतीय तटरेखा के साथ व्यापक रूप से वितरित है, किसका खनिज है
Detailed Explanation:
इल्मेनाइट (FeTiO₃) एक काला लौह-टाइटेनियम ऑक्साइड खनिज है, जो टाइटेनियम निष्कर्षण के लिए प्राथमिक अयस्क है। यह भारतीय तटरेखा के साथ व्यापक रूप से वितरित है, विशेष रूप से केरल, तमिलनाडु और ओडिशा के समुद्र तटीय रेत में।
टंगस्टन वोल्फ्रामाइट से, गैलियम बॉक्साइट से, और टिन कैसिटेराइट से निकाला जाता है—कोई भी इल्मेनाइट स्रोत नहीं है।
अतः, इल्मेनाइट एक टाइटेनियम खनिज है, जो विकल्प 2 को सही उत्तर बनाता है।
पश्चिम सिंहभूम में स्थित चिरिया की सबसे प्रसिद्ध विशेषता क्या है?
Detailed Explanation:
चिरिया जो पश्चिम सिंहभूम जिला, झारखंड में स्थित है, अपने विशाल लौह अयस्क भंडार के लिए प्रसिद्ध है, जो 2 बिलियन टन से अधिक उच्च श्रेणी के हेमेटाइट अयस्क के साथ भारत के सबसे बड़े भंडारों में शामिल है।
इस क्षेत्र में कोई बड़ा बांध, पक्षी अभयारण्य या राष्ट्रीय उद्यान नहीं है; खनन कार्य यहाँ के परिदृश्य और अर्थव्यवस्था पर हावी हैं।
अतः, लौह अयस्क खनन सबसे प्रसिद्ध विशेषता है, जो विकल्प 1 को सही उत्तर बनाता है।
भूमिगत कोयले का दहन निम्नलिखित में से किस राज्य में होता है
- पश्चिम बंगाल
- बिहार
- झारखंड
- ओडिशा
उपर्युक्त में से कोई नहीं/एक से अधिक
Detailed Explanation:
झारखंड में भारत में भूमिगत कोयला अग्नि क्षेत्रों की सर्वाधिक घटनाएं होती हैं, विशेषकर झरिया कोयला क्षेत्र (धनबाद जिला) में, जो स्वतः दहन और अनियंत्रित खनन के कारण 100 वर्षों से अधिक समय से जल रहा है।
पश्चिम बंगाल का रानीगंज, बिहार के सीमित कोयला क्षेत्र और ओडिशा के कोयला क्षेत्रों में भी कुछ आग की घटनाएं होती हैं, लेकिन कोई भी झारखंड के पैमाने और भूमिगत दहन की गंभीरता से मेल नहीं खाता।
अतः, झारखंड में सर्वाधिक व्यापक भूमिगत कोयला दहन होता है, जो विकल्प 3 को सही उत्तर बनाता है।
भारत में थोरियम का अग्रणी उत्पादक राज्य कौन सा है?
Detailed Explanation:
केरल भारत में थोरियम का अग्रणी उत्पादक राज्य है, जो इसके तटीय क्षेत्रों, विशेषकर कोल्लम और तिरुवनंतपुरम जिलों में प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली मोनाजाइट रेत से निकाला जाता है।
थोरियम एक रेडियोधर्मी खनिज है जिसका उपयोग परमाणु ईंधन, सिरेमिक, वेल्डिंग रॉड और एयरोस्पेस मिश्र धातुओं में होता है। भारत के पास विश्व का सबसे बड़ा थोरियम भंडार है, जिसमें केरल और तमिलनाडु का सबसे बड़ा योगदान है।
अतः, केरल सही उत्तर है, जो विकल्प 3 को सही बनाता है।
भारत में पहली कोयला खान कहाँ खोदी गई थी?
Detailed Explanation:
पश्चिम बंगाल में दामोदर नदी के पश्चिमी तट पर स्थित रानीगंज कोयला क्षेत्र में ब्रिटिश काल के दौरान भारत की पहली कोयला खान खोदी गई थी। यह गोंडवाना सुपर समूह से संबंधित है और भारत का सबसे बड़ा कोयला क्षेत्र है।
धनबाद और झरिया (झारखंड में) तथा आसनसोल (पश्चिम बंगाल में) महत्वपूर्ण कोयला केंद्र हैं लेकिन बाद में विकसित हुए, ये पहली खनन स्थल नहीं थे।
अतः, रानीगंज पहला कोयला खनन स्थल होने के कारण, विकल्प 1 सही उत्तर है।