हाइड्रोजन बम किस सिद्धांत पर आधारित है
Detailed Explanation:
हाइड्रोजन बम (थर्मोन्यूक्लियर हथियार) अपनी विनाशकारी ऊर्जा नाभिकीय संलयन से प्राप्त करता है, जिसमें हल्के परमाणु नाभिक (ड्यूटेरियम और ट्रिटियम) अत्यधिक उच्च तापमान पर मिलकर भारी नाभिक बनाते हैं और विशाल ऊर्जा मुक्त करते हैं।
यह संलयन प्रक्रिया अनियंत्रित और तात्कालिक होती है, जो एक श्रृंखला अभिक्रिया उत्पन्न करती है और बम की विनाशकारी शक्ति पैदा करती है। संलयन अभिक्रिया शुरू करने के लिए आवश्यक अत्यधिक ताप और दबाव उत्पन्न करने हेतु विखंडन बम (परमाणु बम) का प्रयोग ट्रिगर के रूप में किया जाता है।
अतः, हाइड्रोजन बम अनियंत्रित संलयन अभिक्रिया पर कार्य करता है, जिससे विकल्प 2 सही उत्तर है।
Question 1 of 1 नाभिकीय प्रौद्योगिकी
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