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भू-आकृति विज्ञान Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: भू-आकृति विज्ञान
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डालमेशियन तट है
Detailed Explanation:
डालमेशियन तट एक क्लासिक निमज्जित तटरेखा का उदाहरण है जो पूर्वी एड्रियाटिक सागर (मुख्यतः क्रोएशिया) में कार्स्ट स्थलाकृति में निर्मित है।
समानांतर चूना पत्थर की पर्वत श्रेणियाँ और घाटियाँ घुलनशील चूना पत्थर के अपरदन से बनीं; जब समुद्र का जलस्तर बढ़ा, तो घाटियाँ डूब गईं और लम्बे द्वीप और खाड़ियाँ तट के समानांतर बनीं—जो कार्स्ट तलहटी निमज्जन की विशेषता है।
किस प्रकार की चट्टान लावा के ठंडा होने और जमने से बनती है?
Detailed Explanation:
आग्नेय चट्टानें पिघले हुए लावा (पृथ्वी की सतह पर) या मैग्मा (सतह के नीचे) के ठंडा होने और जमने से बनती हैं।
सामान्य उदाहरणों में बेसाल्ट (सूक्ष्म-कणीय), प्यूमिस (छिद्रयुक्त), और ऑब्सिडियन (कांच जैसी बनावट) शामिल हैं।
पैंजिया से टूटने वाले दक्षिणी महाद्वीप को क्या कहा जाता है
Detailed Explanation:
गोंडवानालैंड वह दक्षिणी महाद्वीप था जो लगभग 200 मिलियन वर्ष पूर्व पैंजिया से अलग हुआ, जिसमें वर्तमान दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया और भारतीय उपमहाद्वीप शामिल थे।
लॉरेशिया उत्तरी भाग था जिसमें उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया थे, जबकि प्रशांत महासागर एक जल निकाय है, महाद्वीपीय भूभाग नहीं।
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महाद्वीपीय विस्थापन का सिद्धांत किसके द्वारा विकसित किया गया था
Detailed Explanation:
अल्फ्रेड वेगनर (1912) ने महाद्वीपीय विस्थापन का सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसमें बताया गया कि महाद्वीप कभी एक महाद्वीप पैंजिया के भाग थे और भूगर्भीय समय में अलग हो गए।
जे. जे. विल्सन ने प्लेट विवर्तनिकी में योगदान दिया, डु टॉइट ने गोंडवानालैंड से साक्ष्यों के साथ वेगनर के सिद्धांत का समर्थन किया, और एच. हेस ने सागर तल प्रसार सिद्धांत विकसित किया—लेकिन किसी ने भी विस्थापन परिकल्पना की उत्पत्ति नहीं की।
अतः, ए. वेगनर ने महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत विकसित किया, जिससे विकल्प 2 सही उत्तर है।
निम्नलिखित में से कौन से कथन एस्कर (eskers) और ड्रमलिन (drumlins) से संबंधित हैं?
- एस्कर असमान रूप से स्तरित बजरी और रेत की कटकें हैं।
- ड्रमलिन मुख्यतः शिलाखंड और मिट्टी से निर्मित होते हैं।
- अंडों की टोकरी स्थलाकृति एस्कर युक्त क्षेत्रों की विशेषता है।
- जबकि एस्कर हिमनद धाराओं द्वारा निर्मित होते हैं, ड्रमलिन हिमनद क्रिया का परिणाम हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।
Detailed Explanation:
एस्कर हिमनद पिघलने से बनी धाराओं द्वारा निर्मित सर्पीली कटकें हैं, जो असमान रूप से स्तरित बजरी और रेत से बनी होती हैं (कथन 1 सही)। ड्रमलिन प्रत्यक्ष हिमनद क्रिया से निर्मित सुव्यवस्थित पहाड़ियाँ हैं, जो मुख्यतः शिलाखंड मिट्टी/टिल से बनी होती हैं (कथन 2 सही)। कथन 4 उनकी निर्माण प्रक्रिया को सही रूप से अलग करता है: एस्कर हिमनद के नीचे की धाराओं से, ड्रमलिन चलती बर्फ से।
कथन 3 गलत है: "अंडों की टोकरी स्थलाकृति" एस्कर नहीं, बल्कि ड्रमलिन युक्त क्षेत्रों की विशेषता है। ड्रमलिन क्षेत्र ऊपर से देखने पर अंडों की टोकरी जैसे दिखते हैं क्योंकि वे अंडाकार और समूहित होते हैं।
अतः, कथन 1, 2 और 4 सही हैं, जिससे विकल्प 2 सही उत्तर है।
पृथ्वी की आंतरिक परत नाइफ़ (Nife) के निर्माण में कौन से तत्व प्रचुर मात्रा में हैं?
Detailed Explanation:
पृथ्वी का क्रोड (Core), जिसे नाइफ़ (Nife) कहा जाता है, मुख्य रूप से निकेल (Ni) और लोहा/फेरम (Fe) से बना है, जो इसे सबसे घना परत (घनत्व 9.5–14.5 g/cm³) बनाता है।
मैंटल में सिलिकॉन और मैग्नीशियम (सिमा) होता है, जबकि भू-पर्पटी में सिलिकॉन और एल्युमिनियम (सियाल) होता है—ये क्रोड का निर्माण नहीं करते।
अतः, निकेल और फेरम नाइफ़ में प्रचुर मात्रा में हैं, जिससे विकल्प 3 सही उत्तर है।
निम्नलिखित में से किसने अपरदन के भौगोलिक चक्र की अवधारणा प्रस्तुत की?
Detailed Explanation:
विलियम मॉरिस डेविस (W. M. डेविस) ने 1899 में अपरदन के भौगोलिक चक्र की अवधारणा प्रस्तुत की, जिसे अपरदन चक्र भी कहा जाता है। यह मॉडल भू-आकृतियों के विकास को क्रमिक चरणों में वर्णित करता है: युवावस्था, परिपक्वता और वृद्धावस्था।
S. W. वूल्ड्रिज ने भू-आकृति विज्ञान में योगदान दिया लेकिन यह चक्र विकसित नहीं किया; कोबर ने पर्वत निर्माण सिद्धांतों पर काम किया; A. होम्स भू-कालक्रम और मेंटल संवहन के लिए जाने जाते हैं—किसी ने भी अपरदन चक्र प्रस्तावित नहीं किया।
अतः, W. M. डेविस सही उत्तर है, जो विकल्प 1 को सही बनाता है।