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गांधी युग Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: गांधी युग
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1917 में चंपारण सत्याग्रह का नेतृत्व किसने किया?
Detailed Explanation:
महात्मा गांधी ने 1917 में बिहार के चंपारण में चंपारण सत्याग्रह का नेतृत्व किया, जो शोषणकारी तिनकठिया प्रथा के विरुद्ध अहिंसक प्रतिरोध का उपयोग करते हुए भारत में उनका पहला बड़ा आंदोलन था।
किसानों को अपनी जमीन के 3/20वें हिस्से पर नील की खेती करने के लिए मजबूर किया जाता था; गांधी के हस्तक्षेप से इस दमनकारी प्रथा का उन्मूलन हुआ और भारत के जन आंदोलनों में उनका प्रवेश हुआ।
चंपारण कृषि समिति किसके बीच समझौते से नियुक्त की गई थी:
Detailed Explanation:
चंपारण कृषि समिति (1917) की नियुक्ति भारत सरकार और महात्मा गांधी के बीच समझौते से हुई, जो शोषणकारी तिनकठिया प्रथा के खिलाफ उनके सफल सत्याग्रह के बाद बनी।
गांधीजी को समिति का सदस्य बनाया गया, जो आंदोलन में उनकी भूमिका की आधिकारिक मान्यता थी। राज कुमार शुक्ला ने गांधी को चंपारण बुलाया था, जबकि राजेंद्र प्रसाद और अनुग्रह नारायण सिंह ने सहायता की लेकिन सरकारी समझौते में शामिल नहीं थे।
"DO OR DIE" का नारा किसने और कब दिया?
Detailed Explanation:
महात्मा गांधी ने "करो या मरो" का नारा 8 अगस्त 1942 को गोवालिया टैंक मैदान (अब अगस्त क्रांति मैदान), बॉम्बे में भारत छोड़ो आंदोलन के आरंभ के दौरान दिया।
सुभाष चंद्र बोस का प्रसिद्ध नारा "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा" है, जबकि जवाहरलाल नेहरू ने "ट्रिस्ट विद डेस्टिनी" भाषण दिया था।
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चंपारण सत्याग्रह के दौरान बिहार में गांधीजी की जान किसने बचाई?
Detailed Explanation:
बटक मियां, जो चंपारण के एक स्थानीय निवासी थे, ने चंपारण सत्याग्रह (1917) के दौरान महात्मा गांधी की जान बचाई जब उन्होंने अदालत के बाहर इकट्ठी हुई क्रोधित भीड़ से गांधी जी को बचाने में मदद की।
बटक मियां ने शरण दी और गांधी जी को संभावित हिंसा से बचाया, जो बिहार में नील की खेती करने वाले अंग्रेज़ों के खिलाफ चंपारण आंदोलन की सफलता में स्थानीय समर्थन की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
गांधीजी को चंपारण आने के लिए किसने आमंत्रित किया?
Detailed Explanation:
राज कुमार शुक्ला, चंपारण के एक गरीब किसान, ने 1917 में महात्मा गांधी को बिहार आने का निमंत्रण दिया, ताकि ब्रिटिश बागान मालिकों द्वारा लगाए गए शोषणकारी तिनकठिया प्रथा के खिलाफ नील किसानों की समस्याओं का समाधान किया जा सके।
शुक्ला ने 1916 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन से गांधी का पीछा किया जब तक उन्होंने चंपारण आने के लिए सहमति नहीं दी, जो भारत में गांधी का पहला बड़ा सत्याग्रह बना। राजेंद्र प्रसाद और अन्य बाद में समर्थक के रूप में शामिल हुए, लेकिन निमंत्रण केवल शुक्ला की ओर से आया था।
अतः, राज कुमार शुक्ला ने गांधीजी को चंपारण आने का निमंत्रण दिया, जिससे विकल्प 1 सही उत्तर है।
1917 ई. के चंपारण सत्याग्रह से कौन संबंधित नहीं है?
Detailed Explanation:
चंपारण सत्याग्रह (1917) भारत में गांधी जी का नील किसानों के विरुद्ध पहला बड़ा सत्याग्रह था। प्रमुख सहयोगियों में राजेंद्र प्रसाद, जे.बी. कृपलानी, राज कुमार शुक्ल (जिन्होंने गांधी को आमंत्रित किया) और स्थानीय नेता शामिल थे।
राम मनोहर लोहिया का जन्म 1910 में हुआ था और वे 1930 के दशक में ही राजनीति में सक्रिय हुए—1917 में वे केवल 7 वर्ष के थे और चंपारण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
अतः, राम मनोहर लोहिया चंपारण सत्याग्रह से संबंधित नहीं थे, जिससे विकल्प 4 सही उत्तर है।