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संवैधानिक एवं प्रशासनिक विकास Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: संवैधानिक एवं प्रशासनिक विकास
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किस आयोग ने अपने में किसी भारतीय सदस्य को सम्मिलित न करने के कारण सभी राजनीतिक समूहों और दलों में असंतोष को बढ़ा दिया?
Detailed Explanation:
साइमन आयोग (1928) एक पूर्णतः ब्रिटिश सात-सदस्यीय आयोग था जिसमें कोई भारतीय प्रतिनिधित्व नहीं था, जो संवैधानिक सुधारों की समीक्षा के लिए भेजा गया।
भारतीयों को बाहर रखने से देशव्यापी बहिष्कार और प्रसिद्ध "साइमन वापस जाओ" विरोध प्रदर्शन हुए, जिसने कांग्रेस, मुस्लिम लीग और अन्य दलों को विरोध में एकजुट किया।
क्रिप्स मिशन (1942) ने भारतीय नेताओं से परामर्श किया; वेल्बी आयोग (1895) ने सैन्य व्यय की जांच की; कैबिनेट मिशन (1946) में भारतीय भागीदारी शामिल थी।
मार्च 1939 में बिहार के मुख्यमंत्री कौन बने?
Detailed Explanation:
श्री कृष्ण सिंह (जिन्हें श्री बाबू के नाम से भी जाना जाता है) भारत सरकार अधिनियम, 1935 के तहत मार्च 1939 में बिहार के मुख्यमंत्री बने।
वे बाद में स्वतंत्र भारत के बिहार के पहले मुख्यमंत्री (1947–1961) बने, जो बिहार के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री रहे। अनुग्रह नारायण सिंह उनके उप-मुख्यमंत्री थे, जबकि राजेंद्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने, मुख्यमंत्री नहीं।
निम्नलिखित में से कौन सी भारत सरकार अधिनियम, 1935 की विशेषता नहीं थी?
Detailed Explanation:
भारत सरकार अधिनियम, 1935 ने तीन प्रमुख संवैधानिक विशेषताएं प्रस्तुत कीं: गवर्नर-जनरल की कार्यकारी परिषद का पुनर्गठन जिसमें भारतीय प्रतिनिधियों को शामिल किया गया, प्रांतीय स्वायत्तता जो प्रांतों को हस्तांतरित विषयों में स्व-शासन प्रदान करती थी, और अखिल भारतीय संघ का प्रस्ताव जो ब्रिटिश भारतीय प्रांतों और रियासतों को मिलाता था।
"1935 के अधिनियम का मूल्यांकन" का अर्थ है स्वयं अधिनियम की समीक्षा करना, जो अधिनियम की विशेषता नहीं थी बल्कि एक बाहरी विश्लेषणात्मक प्रक्रिया थी। यह अधिनियम एक संवैधानिक ढांचा था, स्व-मूल्यांकन तंत्र नहीं।
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कांग्रेस ने 1918 में मोंटफोर्ड सुधारों पर एक आलोचनात्मक रुख अपनाया, जिसके कारण पुराने उदारवादी अवशेषों (सप्रू, जयकर, और चिंतामणि) के साथ संबंध टूट गए, जिन्होंने निम्नलिखित में से किसका गठन किया:
Detailed Explanation:
मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार (1919), न कि 1918, ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में दरार पैदा की जब तेज बहादुर सप्रू, एम.आर. जयकर, और सी.वाई. चिंतामणि जैसे उदारवादियों ने सुधारों का समर्थन किया जबकि कांग्रेस ने अधिक आलोचनात्मक रुख अपनाया।
इन उदारवादियों ने अलग होकर भारतीय राष्ट्रीय उदारवादी संघ (1918-1919) का गठन किया ताकि सुधारों द्वारा प्रदान किए गए संवैधानिक ढांचे के भीतर काम किया जा सके।
सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी (1905) की स्थापना पहले गोपाल कृष्ण गोखले द्वारा की गई थी, और स्वराज पार्टी (1923) का गठन बाद में सी.आर. दास और मोतीलाल नेहरू द्वारा असहयोग आंदोलन के बाद किया गया था।
कैबिनेट मिशन भारत में निम्नलिखित में से किस उद्देश्य के लिए भेजा गया था?
- एक राष्ट्रीय सरकार की स्थापना के लिए
- सत्ता हस्तांतरण के लिए संवैधानिक व्यवस्था तैयार करने के लिए
- पाकिस्तान के लिए जिन्ना की मांग के विवरण पर कार्य करने के लिए
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: कैबिनेट मिशन 1946 का उद्देश्य भारत को एकजुट रखना था, राष्ट्रीय सरकार की स्थापना करना नहीं।
✅ कथन 2 – सही: मिशन का मुख्य उद्देश्य अंग्रेजों से भारतीयों को सत्ता हस्तांतरण के लिए संवैधानिक व्यवस्था तैयार करना था।
❌ कथन 3 – गलत: मिशन ने पाकिस्तान की मांग को अस्वीकार कर दिया और इसके बजाय मुस्लिम चिंताओं को समायोजित करते हुए एकता बनाए रखने के लिए त्रि-स्तरीय संघीय संरचना का प्रस्ताव दिया।
1946 ईस्वी में भारत भेजे गए कैबिनेट मिशन के सदस्य निम्नलिखित में से कौन नहीं था?
Detailed Explanation:
कैबिनेट मिशन 1946 में तीन सदस्य थे: लॉर्ड पेथिक-लॉरेंस (भारत के राज्य सचिव), स्टैफोर्ड क्रिप्स (व्यापार बोर्ड के अध्यक्ष), और ए. वी. अलेक्जेंडर (एडमिरल्टी के प्रथम लॉर्ड)।
रैम्से मैकडोनाल्ड पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री (1924, 1929–1935) थे जिनकी 1946 के मिशन में कोई भूमिका नहीं थी; उनकी मृत्यु 1937 में हुई थी, मिशन के भारत आने से लगभग एक दशक पहले।
अतः, रैम्से मैकडोनाल्ड कैबिनेट मिशन के सदस्य नहीं थे, इसलिए विकल्प 1 सही उत्तर है।
बिहार विधान परिषद की पहली बैठक किस वर्ष आयोजित की गई थी?
Detailed Explanation:
बिहार विधान परिषद की स्थापना भारत शासन अधिनियम, 1909 (मॉर्ले-मिंटो सुधार) के तहत की गई थी, जिसने अलग प्रांतीय विधानमंडल शुरू किए। बिहार को 1912 में बंगाल से अलग प्रांत के रूप में काटा गया, और इसकी पहली विधान परिषद की बैठक 1913 में हुई।
वर्ष 1911 बिहार की अलग प्रांत के रूप में घोषणा का है, 1914 स्थापना के बाद का है, और 1919 मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों से संबंधित है—कोई भी वास्तविक पहली बैठक से मेल नहीं खाता।
अतः, पहली बैठक 1913 में आयोजित हुई थी, जिससे विकल्प 2 सही उत्तर है।
भारतीय प्रशासन में विभाजित प्रणाली (Split System) का संबंध है
Detailed Explanation:
विभाजित प्रणाली (Split System) को भारतीय परिषद अधिनियम 1861 द्वारा प्रस्तुत किया गया था, जिसने नीति निर्माण (गवर्नर-जनरल और कार्यकारी परिषद के लिए आरक्षित) को नीति कार्यान्वयन (भारतीय सदस्यों के नेतृत्व वाले विभागों द्वारा संचालित) से अलग किया।
यह प्रणाली ब्रिटिश भारतीय प्रशासन में विकेंद्रीकरण की शुरुआत थी, जिसने कार्यकारी कार्यों में नियंत्रित भारतीय भागीदारी की अनुमति दी, जबकि विधायी और नीतिगत निर्णयों पर ब्रिटिश नियंत्रण बनाए रखा।
अतः, विभाजित प्रणाली नीति/कार्यान्वयन विभाजन से संबंधित है, इसलिए विकल्प 3 सही उत्तर है।
तीनों गोलमेज सम्मेलनों में किसने भाग लिया?
Detailed Explanation:
बी. आर. अम्बेडकर एकमात्र नेता थे जिन्होंने दलित वर्गों के प्रतिनिधि के रूप में तीनों गोलमेज सम्मेलनों (1930, 1931, 1932) में भाग लिया।
गांधी ने गांधी-इरविन समझौते के बाद केवल द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में भाग लिया। मदन मोहन मालवीय ने द्वितीय और तृतीय गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया। मौलाना आज़ाद किसी भी सम्मेलन में शामिल नहीं हुए क्योंकि कांग्रेस ने प्रथम गोलमेज सम्मेलन का बहिष्कार किया और वे द्वितीय में गांधी के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं थे।
अतः, केवल अम्बेडकर ने तीनों में भाग लिया, विकल्प 3 सही उत्तर है।