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बिहार का स्वतंत्रता आंदोलन Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: बिहार का स्वतंत्रता आंदोलन
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बिक्रम थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय किसकी हत्या कर दी गई थी?
Detailed Explanation:
गोरखारी के रघुनाथ सिंह एक बिहार के स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्हें पुलिस द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बिक्रम थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय ध्वज फहरा रहे थे।
ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ देशभक्ति का यह कार्य बिहार के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में दर्ज है, जिससे वे स्वतंत्रता आंदोलन के एक मान्यता प्राप्त शहीद बन गए।
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए
| सूची-I घटना/संगठन | सूची-II संबंधित व्यक्ति |
| a) चंपारण सत्याग्रह | 1) जयप्रकाश नारायण |
| b) आज़ाद दस्ता | 2) श्याम नारायण सिंह |
| c) बिहार में व्यक्तिगत सत्याग्रह 1940 | 3) सहजानंद सरस्वती |
| d) किसान सभा बिहार | 4) डॉ. राजेंद्र प्रसाद |
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
a) चंपारण सत्याग्रह (1917) – महात्मा गांधी के नेतृत्व में; डॉ. राजेंद्र प्रसाद (4) प्रमुख स्थानीय नेता थे जिन्होंने गांधी की सहायता की और बिहार के किसानों को संगठित किया।
b) आज़ाद दस्ता (1942) – भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भूमिगत गुरिल्ला संगठन; मुख्यधारा के नेताओं की गिरफ्तारी के बाद बिहार में जयप्रकाश नारायण (1) द्वारा संगठित।
c) बिहार में व्यक्तिगत सत्याग्रह (1940) – भारतीय सहमति के बिना ब्रिटिश युद्ध प्रयास के विरुद्ध सीमित विरोध; श्याम नारायण सिंह (2) बिहार से प्रमुख सत्याग्रही के रूप में चुने गए।
d) किसान सभा, बिहार – 1929 में स्वामी सहजानंद सरस्वती (3) द्वारा ज़मींदारी शोषण के खिलाफ किसानों को संगठित करने के लिए स्थापित; अखिल भारतीय किसान सभा का हिस्सा बनी।
सही मिलान: a-4, b-1, c-2, d-3
बिहार में नमक सत्याग्रह के दौरान, नमक बनाने के अतिरिक्त, लोगों ने किस कर का विरोध करके सरकार का विरोध करना चुना?
Detailed Explanation:
बिहार में नमक सत्याग्रह (1930) के दौरान, लोगों ने चौकीदारी कर का विरोध किया, जो गाँव के चौकीदारों और पुलिसिंग के लिए लगाया गया स्थानीय कर था।
चूंकि चौकीदारी कर विकल्पों (मलबा, हाथी या विकास) में सूचीबद्ध नहीं है, इसलिए सही उत्तर विकल्प 5 – उपरोक्त में से कोई नहीं है।
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श्री कृष्ण सिंह द्वारा गठित बिहार की निर्वाचित सरकार ने फरवरी 1938 में किस कारण से त्यागपत्र दिया?
Detailed Explanation:
श्री कृष्ण सिंह ने भारत सरकार अधिनियम, 1935 के तहत प्रांतीय चुनावों के बाद जुलाई 1937 में बिहार में पहली निर्वाचित सरकार का गठन किया।
मंत्रिमंडल ने फरवरी 1938 में त्यागपत्र दे दिया क्योंकि ब्रिटिश सरकार ने राजनीतिक कैदियों को रिहा करने से इनकार कर दिया, विशेष रूप से स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल लोगों को।
यह त्यागपत्र एक व्यापक पैटर्न का हिस्सा था जहां विभिन्न प्रांतों में कांग्रेस मंत्रिमंडलों ने राजनीतिक कैदियों की रिहाई के मुद्दे पर ब्रिटिश प्रशासन पर दबाव डाला, हालांकि अधिकांश मंत्रिमंडल अक्टूबर 1939 तक जारी रहे (परामर्श के बिना भारत को द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल करने पर त्यागपत्र)।
असहयोग आंदोलन के दौरान बिहार में किसानों का नेतृत्व किसने किया?
Detailed Explanation:
स्वामी विद्यानंद ने असहयोग आंदोलन (1920-1922) के दौरान बिहार में, विशेष रूप से मुजफ्फरपुर क्षेत्र में किसानों का नेतृत्व किया।
श्री कृष्ण सिंह एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे जो बाद में बिहार के पहले मुख्यमंत्री बने, जबकि राज कुमार शुक्ल ने नील किसानों के आंदोलन के लिए महात्मा गांधी को चंपारण (1917) लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो असहयोग आंदोलन से पहले हुआ था।
बिहार में 'आज़ाद दस्ता' किस आंदोलन के दौरान सक्रिय था?
Detailed Explanation:
आज़ाद दस्ता (स्वतंत्रता ब्रिगेड) एक गुरिल्ला इकाई थी जिसका नेतृत्व जयप्रकाश नारायण ने भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान बिहार और नेपाल सीमा क्षेत्र में किया था, जो नेताओं की सामूहिक गिरफ्तारी के बाद भूमिगत सशस्त्र प्रतिरोध चलाने के लिए बनाई गई थी।
असहयोग आंदोलन (1920–22), सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930–34), और चंपारण सत्याग्रह (1917) पहले के गांधीवादी आंदोलन थे जो अहिंसक विरोध पर केंद्रित थे और इनमें सशस्त्र गुरिल्ला समूह शामिल नहीं थे।
अतः, आज़ाद दस्ता केवल भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान सक्रिय था, जिससे विकल्प 3 सही उत्तर है।
1942 ई. में जयप्रकाश नारायण किस त्यौहार के अवसर पर हजारीबाग जेल से भाग निकले थे?
Detailed Explanation:
जयप्रकाश नारायण भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान नवंबर 1942 में दीपावली के अवसर पर हजारीबाग सेंट्रल जेल से भागने में सफल रहे। त्यौहार के कारण कई गार्ड छुट्टी पर थे, जिससे यह साहसिक भागने की योजना सफल हुई और वे लोक नायक बन गए।
भारत रक्षा नियमों के तहत गिरफ्तार होने के बाद, जेपी ने साथी कैदियों के साथ भागने की योजना बनाई। दीपावली के त्यौहार ने कम सुरक्षा व्यवस्था के कारण सही अवसर प्रदान किया, और उन्होंने बाद में भूमिगत रहकर स्वतंत्रता संग्राम जारी रखा।
अतः, दीपावली सही त्यौहार है, जो विकल्प 3 को सही उत्तर बनाता है।
1931 ई. में बिहार समाजवादी पार्टी का गठन किसने किया था?
Detailed Explanation:
बिहार समाजवादी पार्टी की स्थापना 1931 में फूलन प्रसाद वर्मा और जयप्रकाश नारायण ने बिहार में किसान और मजदूर आंदोलनों को संगठित करने के लिए की थी, जो भारत में समाजवादी जुटान का प्रारंभिक चरण था।
राजेंद्र प्रसाद कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे, राज कुमार शुक्ला चंपारण सत्याग्रह से संबंधित थे, और स्वामी सहजानंद ने 1936 में अखिल भारतीय किसान सभा की स्थापना की—किसी ने भी बिहार समाजवादी पार्टी का गठन नहीं किया।
अतः, फूलन प्रसाद वर्मा और जयप्रकाश नारायण ने 1931 में बिहार समाजवादी पार्टी का गठन किया, जिससे विकल्प 2 सही उत्तर है।