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जीव विज्ञान Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: जीव विज्ञान
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कलिकाएँ (Buds) आमतौर पर कहाँ पाई जाती हैं
Detailed Explanation:
पौधों में दो मुख्य प्रकार की कलिकाएँ होती हैं: शीर्षस्थ कलिकाएँ (terminal buds) जो शाखाओं के सिरे पर स्थित होती हैं और ऊर्ध्व वृद्धि में सहायक होती हैं, तथा कक्षस्थ कलिकाएँ (lateral buds) जो पत्तियों के आधार पर पर्णकक्ष में स्थित होती हैं और पार्श्व शाखाओं या फूलों में विकसित होती हैं।
अतः कलिकाएँ दोनों स्थानों पर पाई जाती हैं – शाखाओं के सिरे पर और पत्तियों के आधार पर।
इशिहारा परीक्षण किससे संबंधित है
Detailed Explanation:
इशिहारा परीक्षण एक व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला चिकित्सा जांच उपकरण है जो रंग दृष्टि दोष, विशेष रूप से लाल-हरा वर्णान्धता का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इसमें रंगीन बिंदुओं वाली प्लेटें होती हैं जो संख्याएँ या पैटर्न बनाती हैं जो केवल सामान्य रंग दृष्टि वाले व्यक्तियों को दिखाई देती हैं; लाल-हरा कमी वाले लोग छिपे हुए आंकड़ों की पहचान करने में विफल रहते हैं, जिससे यह वर्णान्धता की मानक निदान विधि बन जाती है।
PHBV बायोडिग्रेडेबल पॉलिमर का पूर्ण रूप।
Detailed Explanation:
PHBV का पूर्ण रूप पॉली(3-हाइड्रॉक्सी ब्यूटिरेट-को-3-हाइड्रॉक्सी वैलरेट) है, जो बैक्टीरियल किण्वन द्वारा उत्पादित एक बायोडिग्रेडेबल कोपॉलिमर है।
उपसर्ग "को" यह दर्शाता है कि यह दो मोनोमर इकाइयों से बना कोपॉलिमर है: 3-हाइड्रॉक्सी ब्यूटिरेट और 3-हाइड्रॉक्सी वैलरेट, जो इसे पारंपरिक प्लास्टिक का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बनाता है।
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हार्मोन का स्राव किसके द्वारा होता है:
Detailed Explanation:
अंतःस्रावी ग्रंथियाँ (जैसे पिट्यूटरी, थायरॉइड, एड्रिनल ग्रंथियाँ) हार्मोन का स्राव सीधे रक्तप्रवाह में करती हैं जो शरीर की क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
बहिःस्रावी ग्रंथियाँ (जैसे तैल ग्रंथियाँ और स्वेद ग्रंथियाँ) पदार्थों का स्राव नलिकाओं के माध्यम से करती हैं, रक्त में नहीं, इसलिए ये हार्मोन स्रावित नहीं करतीं।
एक पेड़ के तने में मिट्टी के स्तर से 1 मीटर की ऊंचाई पर एक कील ठोकी जाती है। 2 वर्ष बाद कील:
Detailed Explanation:
पेड़ की ऊंचाई शीर्षस्थ विभज्योतक (प्ररोह और जड़ के सिरों) से बढ़ती है, तने को लंबा करके नहीं।
कील 1 मीटर की ऊंचाई पर ही रहती है क्योंकि द्वितीयक वृद्धि (कैम्बियम क्रिया) केवल मोटाई बढ़ाती है, तने के मौजूदा भागों की ऊर्ध्वाधर स्थिति नहीं।
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस और मनुष्य के बीच की अंतःक्रिया को दर्शाता है?
Detailed Explanation:
परजीविता एक जैविक अंतःक्रिया है जिसमें परजीवी को लाभ होता है जबकि पोषक को हानि पहुंचती है।
हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस मानव कोशिकाओं को संक्रमित करता है, पोषक की कोशिकीय मशीनरी का उपयोग करके प्रजनन करता है, कोशिकाओं को क्षति पहुंचाता है और कोल्ड सोर्स या जननांग दाद जैसे रोग उत्पन्न करता है, जो स्पष्ट रूप से पोषक को हानि पहुंचाता है जबकि स्वयं को लाभ होता है — यह परजीविता का स्पष्ट उदाहरण है।
संक्रमण के प्रति प्रतिक्रिया में सबसे पहले किस वर्ग का इम्युनोग्लोबुलिन उत्पन्न होता है?
Detailed Explanation:
IgM (इम्युनोग्लोबुलिन M) किसी नए संक्रमण के प्रति प्राथमिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया में उत्पन्न होने वाला पहला एंटीबॉडी है।
IgM की पेंटामर संरचना तेजी से एग्लूटिनेशन और कॉम्प्लीमेंट एक्टिवेशन को सक्षम बनाती है, जो IgG के स्तर बढ़ने से पहले तत्काल सुरक्षा प्रदान करती है।
जैविक झिल्लियाँ किससे बनी होती हैं:
Detailed Explanation:
जैविक झिल्लियाँ एक फॉस्फोलिपिड द्विस्तर से बनी होती हैं जिसमें प्रोटीन अलग-अलग अनुपात में सम्मिलित होते हैं।
लिपिड और प्रोटीन का सटीक अनुपात प्रत्येक प्रजाति, कोशिका प्रकार और अंगक के लिए विशिष्ट होता है – जैसे माइटोकॉन्ड्रियल झिल्लियों की संरचना प्लाज्मा झिल्लियों से भिन्न होती है।
निम्नलिखित में से कौन सा नॉनसेंस कोडॉन है?
Detailed Explanation:
नॉनसेंस कोडॉन (जिन्हें स्टॉप कोडॉन भी कहते हैं) प्रोटीन संश्लेषण की समाप्ति का संकेत देते हैं और किसी भी अमीनो अम्ल को कोड नहीं करते। तीन स्टॉप कोडॉन हैं: UAA, UAG, और UGA।
AUG एक स्टार्ट कोडॉन है जो मेथियोनीन को कोड करता है; UUU फेनिलएलानिन को कोड करता है; UGC सिस्टीन को कोड करता है। दिए गए विकल्पों में केवल UAA एक नॉनसेंस कोडॉन है।
साइटोप्लास्ट के अंदर प्रकाश संश्लेषण में अंधकार अभिक्रिया का वास्तविक स्थल है
Detailed Explanation:
अंधकार अभिक्रिया (केल्विन चक्र) क्लोरोप्लास्ट के स्ट्रोमा में होती है, जो ग्रेना के चारों ओर द्रव से भरा क्षेत्र है।
ग्रेनम (थायलेकॉइड झिल्लियों के ढेर) और ग्रेना लैमेला (ग्रेना के बीच कनेक्शन) प्रकाश अभिक्रिया के स्थल हैं, अंधकार अभिक्रिया के नहीं।
पौधों में जाइलम निम्नलिखित में से किस कार्य के लिए उत्तरदायी है:
Detailed Explanation:
जाइलम एक संवहन ऊतक है जो जल और घुलित खनिजों का परिवहन जड़ों से तने और पत्तियों तक ऊपर की ओर करता है।
फ्लोएम कार्बनिक पोषक तत्वों (भोजन और अमीनो अम्ल) का परिवहन करता है, जबकि गैसें रंध्रों और अंतरकोशिकीय स्थानों से विसरित होती हैं, जाइलम से नहीं।
पादपों के वर्गीकरण में संवहनी ऊतकों की विशेषताओं का उपयोग करने वाले प्रथम कौन थे?
Detailed Explanation:
ऑगस्टिन पाइरामस डी कॉन्डोल पहले वनस्पति विज्ञानी थे जिन्होंने पादप वर्गीकरण के लिए संवहनी ऊतक विशेषताओं (जाइलम और फ्लोएम) का उपयोग किया, पादपों को संवहनी (ट्रैकियोफाइट्स) और असंवहनी (ब्रायोफाइट्स) समूहों में विभाजित किया।
एंग्लर और प्रांटल ने बाद में जातिवृत्तीय प्रणाली विकसित की, जबकि बेंथम और हूकर ने अपनी प्राकृतिक प्रणाली में आकृतिक लक्षणों का उपयोग किया, दोनों ही संवहनी ऊतकों का उपयोग करने वाले प्रथम नहीं थे।
आम में जो भाग हम खाते हैं वह है:
Detailed Explanation:
आम एक ड्रूप फल है जिसकी फलभित्ति (पेरिकार्प) में तीन परतें होती हैं।
एपिकार्प बाहरी छिलका है, मीसोकार्प मोटी, गूदेदार, खाने योग्य मध्य परत है, और एंडोकार्प बीज के चारों ओर की कठोर गुठली है।
हम मीसोकार्प खाते हैं – आम का रसीला, मीठा गूदा।
माइकोराइजल सहजीवन में, पौधे को लाभ है:
Detailed Explanation:
माइकोराइजल सहजीवन एक सहजीवी संबंध है जो कवक और पौधे की जड़ों के बीच होता है जहाँ कवक के हाइफे जड़ की सतह क्षेत्र बढ़ाते हैं जिससे खनिज अवशोषण (विशेष रूप से फॉस्फोरस) बढ़ता है और मिट्टी-जनित रोगजनकों के विरुद्ध एक सुरक्षात्मक बाधा बनाते हैं।
✅ विकल्प 4 – सही: बढ़ा हुआ खनिज अवशोषण और रोग सुरक्षा दो मुख्य लाभ हैं जो पौधे को माइकोराइजल कवक से मिलते हैं।
❌ विकल्प 1 – अपूर्ण: सुरक्षा केवल एक लाभ है।
❌ विकल्प 2 – गलत: पौधा कवक को भोजन (कार्बोहाइड्रेट) प्रदान करता है, उल्टा नहीं।
❌ विकल्प 3 – गलत: एक अपूर्ण और एक गलत विकल्प का संयोजन है।
यकृत (लीवर) में संचित होते हैं
Detailed Explanation:
यकृत (लीवर) शरीर के लिए आवश्यक कई विटामिनों को संचित करता है।
विटामिन A बड़ी मात्रा में (2 वर्ष की आपूर्ति तक) दृष्टि, रोग प्रतिरोधक क्षमता और कोशिका वृद्धि के लिए संचित होता है।
विटामिन D, कैल्सिफेडिओल के रूप में संचित होकर कैल्शियम अवशोषण और हड्डियों के स्वास्थ्य को नियंत्रित करता है।
विटामिन B12 (कोबालामिन) एकमात्र जल में घुलनशील विटामिन है जो यकृत में महत्वपूर्ण मात्रा में (3–5 वर्ष की आपूर्ति तक) संचित होता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका कार्य में सहायक है।
विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) कम मात्रा में अल्पकालिक उपयोग के लिए कोलेजन संश्लेषण और प्रतिरक्षा कार्य हेतु संचित रहता है।
इस प्रकार, यकृत विटामिन A, B (विशेषकर B12), C और D को संचित करता है।